imagesराजनीति अच्छे अच्छों को दुश्मन बना देती है। रिश्ते कैसे भी हों उनमें दरार डाल ही देती है। ऐसा ही कुछ हुआ ममता बनर्जी और नरेन्द्र मोदी के रिश्ते में। अटल बिहारी बाजपेई के शासनकाल में ममता ने मोदी को अपना भाई पुकारा था। आज वही भाई उनकी नजरों में कसाई हो गया है। कभी मोदी को अपना भाई मानने वाली ममता ने आाज भाई को ताज के करीब जाते देखा तो कसाई बना दिया।
पार्टी प्रवक्ता और सांसद डेरेक ओ ब्रायन ने कहा, गुजरात का कसाई बंगाल आया था। उसके पास बंगाल के विकास मॉडल का कोई जवाब नहीं है, इसलिए निजी हमले कर रहा है। जो व्यक्ति अपनी पत्नी का ख्याल नहीं रख सका, वो देश का ख्याल कैसे रखेगा?
मालूम हो, इससे पहले एक रैली में मोदी ने बंगाल के शारदा घोटाले का जिक्र करते हुए कहा, मुझे ममता बनर्जी से ऐसी उम्मीद नहीं थी। शारदा का दूसरा नाम सरस्वती है, जिनकी हर जगह पूजा होती है। लेकिन यहां शारदा को चिटफंड बनाया दिया गया।
मोदी ने ममता से कहा, व्यक्तिगतौर पर मैं आपका सम्मान करता हूं, लेकिन आपने यह क्या किया? आपने तो बंगाल के लोगों के सपने को चूर-चूर कर दिया। कुर्सी का इतना लालच ठीक नहीं।
ममता की कला पर भी कलह
मोदी ने ममता बनर्जी द्वारा बनाई गई पेंटिंग्स महंगे दामों में नीलाम किए जाने पर भी सवाल उठाया। बकौल मोदी, कौन थे वो लोग जिन्होंने ममता की कला को पहचाना और महंगे दामों पर पेंटिंग्स खरीदीं?

इसका जबाव देते हुए ओ’ब्रायन ने ट्वीट किया, पेटिंग्स व्यक्तिगत फायदे के लिए नहीं बेची गई थीं। उससे हासिल पैसों को भलाई के काम में लगाया गया। पार्टी ने चुनाव में उस पैसे को खर्च किया। यह चुनाव सुधार प्रक्रिया की अच्छी पहल है।
अपने एक अन्य ट्वीट में ओ’ब्रायन ने लिखा, गुजरात का कसाई कहता है, दीदी ने अपनी एक पेंटिंग 1.8 करोड़ रुपए में बेची। मोदी आरोप साबित करें या मानहानि के केस का सामना करें।

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