केंद्र सरकार के विशेष आर्थिक पैकेज से उद्योगों के फिर पटरी पर लौटने की संभावना देख रहे उत्तर प्रदेश के औद्योगिक विकास विभाग ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आत्मनिर्भर भारत अभियान को साकार करने के लिए भी कदम बढ़ा दिए हैं। साथ ही केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की तर्ज पर यूपी के औद्योगिक विकास मंत्री सतीश महाना ने भी घोषणा कर दी है कि उनका उद्योग विभाग अब सिर्फ स्वदेशी वस्तुओं का ही इस्तेमाल करेगा।

औद्योगिक विकास मंत्री सतीश महाना ने गुरुवार को अपने विधान भवन स्थित कार्यालय में पत्रकारों से बातचीत में कहा कि केंद्र ने कोरोना के इस संक्रमण काल में जो ऐतिहासिक राहत पैकेज दिया है, उससे उद्योगों के संचालन और नए निवेश को आकर्षित करने में काफी सहयोग मिलेगा। उन्होंने वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण और वित्त राज्यमंत्री अनुराग ठाकुर का आभार भी जताया।

औद्योगिक विकास मंत्री सतीश महाना ने बताया कि उद्योगों को राहत देने के लिए सरकार कई फैसलों पर विचार कर रही है। मसलन, अभी निवेशकों को एसजीएसटी की पूतिपूर्ति की जाती है। चूंकि अलग-अलग वस्तुओं पर जीएसटी दर अलग-अलग है, इसलिए प्रतिपूर्ति भी समान नहीं होती, भले ही निवेश की राशि समान हो। ऐसे में विचार है कि जीएसटी रिफंड की बजाय कैपिटल सब्सिडी तय कर दी जाए, जो चरणबद्ध ढंग से दी जा सकती है।

नोएडा-ग्रेटर नोएडा के बिल्डरों को मिल सकती है रियायतें

औद्योगिक विकास मंत्री सतीश महाना ने बताया कि पहले से ही रीयल एस्टेट कारोबार प्रभावित था। कोरोना से हुए लॉकडाउन ने संकट और बढ़ा दिया है। ऐसे में नोएडा, ग्रेटर नोएडा और यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण के मुख्य कार्यपालक अधिकारियों की एक कमेटी बनाई है। बिल्डरों को विभिन्न रियायतें देने संबंधी रिपोर्ट आते ही उनकी घोषणा की जाएगी।

अन्य देशों की निवेश नीतियां टटोलेगी सरकार

औद्योगिक विकास मंत्री सतीश महाना ने बताया कि यूपी सरकार की नजर उन देशों की कंपनियों पर है, जो अब चीन से अपने कदम वापस खींचना चाहते हैं। उन्हें आकर्षित करने का प्रयास चल रहा है। महाना ने बताया कि राज्य सरकार ने अपनी नीतियों में काफी बदलाव किए हैं। अब दूसरे देशों की निवेश नीति का भी अध्ययन किया जाएगा। फिर जरूरत अनुसार और बदलाव किए जा सकते हैं। इसके साथ ही जापान की कंपनियों को आकर्षित करने के लिए अलग से टाउनशिप विकसित करने का विचार है। वहां उन्हें आवासीय सुविधा भी दी जाएगी। इसके लिए विभाग के पास औरैया में करीब पांच सौ एकड़ और उन्नाव की ट्रांसगंगा सिटी में भी जमीन है।

कोई जवाब दें

कृपया अपनी टिप्पणी दर्ज करें!
कृपया अपना नाम यहाँ दर्ज करें

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.