nhrmन्यूज नेटवर्क२४
संप्रग सरकार के कार्यकाल में शुरू किए गए राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन में भारी बदलावों की संभावनाएं हैं क्योंकि नए स्वास्थ्य मंत्री हर्षवर्धन का कहना है कि यह कार्यक्रम शहरी क्षेत्र में शुरू ही नहीं हो सका है जबकि इसकी ग्रामीण शाखा एनआरएचएम विभिन्न समस्याओं के दलदल में फंसी हुई है। भाजपा सरकार ने फिलहाल चल रही योजनाओं को प्रभावी तौर पर लागू करने के लिए विशेषज्ञों की मदद से तंत्र को सुधारने का फैसला किया है। इसमें सामान्य स्वास्थ्य सेवाएं मुहैया कराने की योजना के तहत देशभर के अस्पतालों को मुफ्त जेनरिक दवाएं भेजने की योजना को प्रभावी तरीके से लागू करना भी शामिल है।
मंत्रालय की नई योजना के तहत महिला विशेषज्ञों को विशेष दर्जा मिलेगा। स्वास्थ्य मंत्री हर्षवर्धन ने जमीनी स्तर पर विभिन्न कार्यक्रमों को प्रभावी तरीके से लागू करने वाली आशा कार्यकर्ताओं की समस्याओं के निराकरण की बात भी की है। आज जारी सरकारी बयान के अनुसार, राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के अधिकारियों के साथ हुई समीक्षा बैठक में स्वास्थ्य मंत्री ने महत्वकांक्षी परियोजनाओं को पुनरूत्साहित करने के लिए बाहर से विशेषज्ञों को उसमें शामिल करने और केन्द्रीय स्वास्थ्य परिषद (सीसीएच) के तहत राज्यों के स्वास्थ्य मंत्रियों से बैठक करने का फैसला किया है।

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