मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने प्रदेश की कानून-व्यवस्था को लेकर मचे बवाल के बाद सख्त फैसले किए हैं। उन्होंने नियम-कानून का डंडा चलाते हुए एक ओर शनिवार को जहां बड़े पैमाने पर पुलिस अधिकारियों को इधर से उधर किया, वहीं कानून-व्यवस्था को और मजबूत बनाने तथा अपराध स्थिति पर प्रभावी नियंत्रण के लिए कई महत्वपूर्ण व नीतिगत निर्णय लिए हैं। उन्होंने शनिवार को मुख्य सचिव, प्रमुख सचिव गृह और डीजीपी को अपने आवास पर तलब कर कहा कि निर्देशों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित कराया जाए, अन्यथा किसी भी स्तर पर लापरवाही या शिथिलता पाये जाने पर दोषियों के विरुद्ध कठोर कार्यवाही की जायेगी।
बदायंू में घटित शर्मनाक घटना को बहुत दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए उन्होंने कहा कि पुलिस महानिदेशक के स्वयं वहां भ्रमण के बाद जो तथ्य उभर कर आये हैं, यदि वह तथ्य पहले ही दिन स्थानीय प्रशासन स्वयं जानकारी करके मीडिया एवं संबंधित पक्षों को दे देता तो इस दुखद घटना पर कार्यवाही तत्काल हो जाती। इस लापरवाही के लिए तात्कालिक प्रभाव से वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक बदायूं अतुल सक्सेना एवं तत्कालीन कार्यवाहक डीएम उदय राज सिंह को शासन ने निलंबित कर दिया है।
मुख्य सचिव आलोक रंजन ने मुख्यमंत्री के फैसलों की जानकारी देते हुए यहां पत्रकार वार्ता में बताया कि जिलों में अपराधियों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई होगी। इसके लिए सभी जिलाधिकारियों एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षकों/पुलिस अधीक्षकों द्वारा पूरे प्रदेश में एक साथ छापेमारी की जायेगी एवं विशेष अभियान चलाया जायेगा।
रंजन ने बताया कि महिलाओं के विरुद्ध कोई भी अपराध बर्दाश्त नहीं किया जायेगा। इन अपराधों पर पुलिस त्वरित कार्यवाही करेगी। यदि रिपोर्ट दर्ज न की गई तो बड़े अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई होगी। ऐसी किसी भी गम्भीर अपराध की घटना पर जिलाधिकारी एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक स्वयं जाएंगे एवं सख्त कार्रवाई करेंगे। मुख्य सचिव ने यह भी बताया कि सरकारी जमीनों पर अवैध कब्जा करने वाले व्यक्तियों के विरुद्ध सख्त अभियान चलाया जायेगा। छोटी-छोटी घटनाओं का चिह्नीकरण करके उसके लिए जिम्मेदार अपराधियों के खिलाफ भी कठोर कार्रवाई होगी। उन्होंने बताया कि वाहनों पर काली फिल्म एवं हूटर के खिलाफ भी तत्काल सघन अभियान चलाया जायेगा। आलोक रंजन ने बताया कि अवैध खनन को पूरी तरह से रोका जायेगा। अवैध खनन के लिए संबंधित जिले के जिलाधिकारी एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक/पुलिस अधीक्षक सीधे जिम्मेदार होंगे। उन्होंने बताया कि अवैध खनन करने वाले माफिया को ध्वस्त किया जाएगा।
इसकी मानीटरिंग खुद मुख्य सचिव करेंगे। इसके साथ ही गोकशी पर पूर्ण प्रतिबंध सुनिश्चित करने के लिए औचक छापे मारे जाएंगे। जघन्य अपराधियों एवं लोक शांति भंग करने वाले अवांछनीय तत्वों के खिलाफ राष्ट्रीय सुरक्षा अधिनियम, गैंगस्टर एक्ट, गुंडा एक्ट आदि के अंतर्गत प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित की जायेगी। उन्होंने बताया कि प्रदेश के पुलिस बल में रिक्त चल रहे पदों पर प्राथमिकता के आधार पर शीघ्र भर्ती की जाएगी। इस कड़ी में उपनिरीक्षकों की भर्ती के लिए तत्काल कार्यवाही की जाएगी। मुख्य सचिव ने कहा कि प्रदेश के पुलिस बल में आउट आॅफ टर्न प्रोन्नति व्यवस्था को समाप्त करने का निर्णय लिया गया है। अब अदम्य साहस एवं शौर्य का परिचय देने वाले पुलिस कर्मियों के मनोबल एवं साहस को बनाए रखने के लिये सिर्फ नगद पुरस्कार, प्रशस्ति पत्र एवं मेडल दिया जाएगा। आलोक रंजन ने बताया कि प्रदेश में अनुमन्यताप्राप्त महानुभावों, सांसद, विधायक, पूर्व सांसद एवं विधायक तथा न्यायालय के निर्णय से सुरक्षा प्राप्त महानुभावों को छोड़कर अन्य व्यक्तियों के गनर की सुविधा तत्काल प्रभाव से वापस ले ली गई है। यह भी बताया कि पुलिस बल के आधुनिकीकरण के लिए तत्काल समुचित संसाधनों की व्यवस्था सुनिश्चित की जाएगी और इसके लिए प्रथम चरण में 100 करोड़ रुपये उपलब्ध कराये जा रहे हैं। मुख्य सचिव ने बताया कि जनता एवं मीडिया से जिलों के वरिष्ठ अधिकारी सीधे संवाद करेंगे। जन सामान्य के लिए सभी अधिकारी अपने मोबाइल पर उपलब्ध रहेंगे। जिलाधिकारी एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक/पुलिस अधीक्षक विशेष महत्वपूर्ण घटनाओं पर स्वयं जाएंगे, घटना की प्रारम्भिक जानकारी लेकर स्थानीय जनता एवं मीडिया को तत्काल अवगत करायेंगे। प्रेस वार्ता में प्रमुख सचिव गृह दीपक सिंघल, प्रमुख सचिव सूचना नवनीत सहगल, पुलिस महानिदेशक एएल बनर्जी, सचिव गृह अमृत अभिजात एवं संजय प्रसाद भी मौजूद थेakhilesh19

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