लॉकडाउन के दौरान मेडिकल स्टोर संचालकों ने दवाओं की होम डिलीवरी बंद कर दी है। कर्मचारियों के अभाव में दवाओं की आपूर्ति नहीं कर पा रहे हैं। इससे स्थाई रूप से दवा का उपयोग करने वालों के सामने मुश्किल आ गई है। खास कर उन बुजुर्ग महिलाओं व पुरुषों को जो घर में अकेले रहते हैं।

शहर में कई फार्मा एजेंसियां हैं जो दवाओं की होम डिलीवरी करती है। ऑडर पर उनके कर्मचारी दवा घर तक पहुंचाते हैं। लेकिन लॉकडाउन के चलते अब यह सेवा बंद हो गई है। नीवा इलाके के रहने वाली जयति भट्टाचार्या की उम्र करीब 50 वर्ष है। वह घर में अकेली हैं। उन्हें मिर्गी की समस्या है। इसलिए उनकी दवा स्थाई रूप से चलती है। लॉकडाउन से पहले मेडिकल स्टोर संचालक उनकी दवाएं घर पहुंचा जाते थे, लेकिन अब उन्हें दवा नहीं मिल रही है। उन्होंने बताया कि होम डिलीवरी करने वाले सभी मेडिकल स्टोर संचालकों से बात की लेकिन सभी ने पहुंचाने से इनकार कर दिया। कर्मचारियों के अभाव में उन्होंने दवा घर तक पहुंचाने में असमर्थता जताई। इससे अब उन्हें दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। इसी तरह और न जाने कितने बुजुर्ग पुरुष और महिलाएं हैं जो इन दिक्कतों से जूझ रहे हैं। दवा लाने वाला कोई नहीं है। परेशान हैं। प्रयाग केमिस्ट एवं ड्रगिस्ट एसोसिएशन के महामंत्री लालू मित्तल ने बताया कि कर्मचारियों के अभाव में ऐसा हुआ है। अब पास बनाकर दिया जा रहा है। कोशिश है जल्द ही दवाओं की होम डिलीवरी शुरू हो जाएगी।

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