2016_11largeimg11_nov_2016_175811038तोक्यो। भारत को आज एक और बड़ी उपलब्धि हासिल हुई। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और उनके जापानी समकक्ष शिंजो आबे के बीच प्रतिनिधिमंडल स्तर की वार्ता के बाद आज भारत और जापान ने असैन्य परमाणु ऊर्जा को लेकर एक ऐतिहासिक करार पर हस्ताक्षर किए। इस करार से दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय आर्थिक और सुरक्षा संबंधों में गति लाने और अमेरिका स्थित कंपनियों को भारत में परमाणु संयंत्र लगाने में सहायता मिलेगी। पिछले वर्ष दिसंबर में आबे की भारत यात्रा के दौरान दोनों देश असैन्य परमाणु ऊर्जा सेक्टर में सहयोग के लिए एक व्यापक समझौते पर पहुंचे थे लेकिन कुछ मुद्दों को निपटाने में वक्त लगने के चलते करार पर हस्ताक्षर किया जाना बाकी था।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि हम जापान को स्वाभाविक साझेदार के तौर पर देखते हैं। यहां अपने संसाधनों में समायोजन की व्यापक संभावना है। पीएम मोदी ने कहा कि हमारी सामरिक साझेदारी न केवल हमारे समाज के लिए अच्छी और सुरक्षित हैए बल्कि इससे इलाके में शांति और स्थिरता आई हैण् प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि परमाणु क्षेत्र में हमारा साथ क्लाइमेट चेंज से निपटने में भी सहायक होगा।

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