ramlila-ramdev-police-actionsभ्रष्टाचार के खिलाफ रामलीला मैदान में प्रदर्शन कर रहे बाबा रामदेव के समर्थकों पर पिछले साल 4-5 जून की रात की गई पुलिस कार्रवाई के मामले में दिल्ली की एक अदालत ने छह पुलिसकर्मियों को समन जारी किया है। वहीं, पुलिस का कहना है कि लाठीचार्ज में शामिल अन्य की पहचान के लिए जांच जारी है।मेट्रोपॉलिटन मजिस्ट्रेट अनिल कुमार ने दरोगा सुशील कुमार, हेड कांस्टेबल विजेंदर और कांस्टेबल रवि, दिनेश, तेजिंदर और कष्ण को समन जारी किए। इन छह को दूसरों की जिंदगी और निजी सुरक्षा खतरे में डालने का दोषी पाया गया है। अदालत ने घटना के ठीक एक साल बाद 4 जून को आरोप पत्र का संज्ञान लिया। अदालत ने कहा कि रिट याचिका में उच्चतम न्यायालय के निर्देशों पर की गई जांच के बाद जांच अधिकारी ने आरोप पत्र दाखिल किया है। अदालत ने कहा कि जांच अधिकारी द्वारा दाखिल किए गए आरोप पत्र और दस्तावेजों को मैंने अध्ययन किया है। मैं भादंवि की धारा 336 के तहत अपराध का संज्ञान लेता हूं।अदालत ने निर्देश दिया कि आरोप पत्र में शामल आरोपी व्यक्तियों को जांच अधिकारी के माध्यम से 7 जुलाई को पेश होने का समन जारी किया जाता है। आरोप पत्र में जिन आरोपी पुलिसकर्मियों का नाम है उनकी पहचान विभिन्न समाचार चैनलों से मिले वीडियो फुटेज की सहायता से की गई है। आरोप-पत्र के साथ वीडियो फुटेज को भी लगाया गया है। मामले के जांच अधिकारी ने अदालत को बताया कि अन्य आरोपियों की पहचान के लिए घटना की आगे की जांच जारी है।अदालत ने कहा कि जांच अधिकारी ने बताया है कि अपराध में शामिल अन्य व्यक्तियों की पहचान के लिए मामले की आगे की जांच अभी जारी है और अन्य व्यक्तियों की पहचान होने पर पूरक आरोप पत्र दाखिल किया जाएगा। पुलिस ने आरोप पत्र में कहा है कि छह पुलिसकर्मियों ने बिना वरिष्ठ अधिकारियों से आदेश मिले अत्यधिक बल का प्रयोग किया। आरोप पत्र में कहा गया है कि उन्होंने आदेश का उल्लंघन किया और प्रदर्शनकारियों पर लाठीचार्ज किया।
पुलिस सूत्रों ने बताया कि घटनास्थल पर वरिष्ठ अधिकारियों की मौजूदगी का यह मतलब नहीं कि उन्होंने लाठीचार्ज का आदेश दिया। सूत्रों ने बताया कि आगे की जांच का मकसद पुलिस अधिकारियों सहित घटना में शामिल अन्य लोगों की पहचान करना है। उन्होंने कहा कि रामलीला मैदान में प्रदर्शन कर रहीं राजबाला की मौत का पहलू भी जांच के लिए खुला है और यह पूरक आरोप पत्र का हिस्सा बन सकता है। हालांकि इसकी हाल फिल्हाल उम्मीद नहीं है। चार-पांच की मध्यरात्रि को पुलिस ने भ्रष्टाचार के खिलाफ प्रदर्शन करने वाले बाबा रामदेव के समर्थकों पर बल का प्रयोग किया था। पुलिस बल का शिकार बने रात में सो रहे इन प्रदर्शनकारियों में महिलाएं और बच्चों भी शामिल थे। घटना में घायल हुईं राजबाला ने बाद में दम तोड़ दिया था।

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