आज हम आपको एक ऐसी जगह के बारे में रोचक जानकारी देने वाले हैं जिसके बारे में सिर्फ सोचने भर से आपकी के मूंह से निकल जाएगा Oh My god। जी हां, बिल्कुल ऐसा ही है। रुस का यह गांव पृथ्वी का सबसे ठंडा गांव है। इस गांव तापमान -71.2 डिग्री सेल्सियस है। अगर आप यहां घूमने का इरादा कर रहे हैं तो इसे देखने के बाद आपका मन बदल सकता है। क्योंकि यह पृथ्वी का सबसे ठंडा जगह है। जहां न मोबाइल फोन काम करता है न ही घरों में बिजली है।

रूस का ये ओमेकॉन टाउन दुनिया की सबसे ठंडी जगह है, जहां इंसान रह रहे हैं। यहां टेम्परेचर -71.2 डिग्री सेल्सियस तक चला जाता है। ये टाउन तकरीबन 500 लोगों का घर है और यहां सर्दियों में औसत टेम्पेरेचर -50 डिग्री सेल्सियस के करीब रहता ही है। न्यूजीलैंड के फोटोग्राफर अमोस चैपल ने कड़कड़ाती ठंड के बीच इस टाउन की फोटोज कैद की हैं।

यह जगह दुनिया में सबसे ठंडा इनहैबिटेड एरिया माना जाता है। वो जब घर से बाहर निकले, तो -50 डिग्री सेल्सियल तापमान में उनके पैर ठंड से जकड़े जा रहे थे। इसी ठंड में उन्होंने यहां की फोटोज लीं। फोटोज में सड़क से लेकर पेड़ और घर-मकान तक हर जगह बर्फ ही बर्फ जमी हुई दिखाई दे रही है। सर्दी के मौसम में यहां दिन में मुश्किल से सिर्फ तीन घंटे के लिए रोशनी होती है। बाकी के वक्त अंधेरा छाया रहता है। जमा देने वाली ठंड के चलते यहां के लोग भी सिर्फ काम वक्त ही घरों से बाहर निकलते हैं।

हालांकि, गर्मी के मौसम में दिन के 21 घंटे रोशनी रहती है, सिर्फ तीन घंटों के लिए ही रात होती है। न्यूजीलैंड के फोटोग्राफर चैपल ने यहां की एक से बढ़कर एक फोटोज क्लिक की हैं, लेकिन इन फोटोज को कैद करना उनके लिए चैलेंज से कम नहीं था। इस टाउन में टेम्परेचर -71.2 डिग्री सेल्सियस तक चला जाता है। इस पृथ्वी पर किसी भी स्थायी रूप से बसे हुए स्थान के लिए सबसे कम तापमान दर्ज की गई और न्यूनतम तापमान उत्तरी गोलार्ध में दर्ज की गई है।


वास्तव में ओमेकन का मतलब ‘कभी न जमने वाला पानी’ ये इसलिए ऐसा होता है क्योंकि इसके आसपास गर्म पानी के झरने हैं जिस वजह से यहां का तामपान सामान्य बना रहता है। और पानी को जमने नहीं देता है। ओमेकन में ज्यादातर घरों में अभी भी गर्मी के लिए कोयला और लकड़ी का उपयोग किया जाता है और कुछ आधुनिक चीजों का उपयोग कर आनंद लेते हैं। अपने शरीर के तापामान को सामान्य बनाए रखने के लोग हिरन का मांस और घोड़े के मांस का उपयोग करते हैं।

डॉक्टरों का कहना है, उनके पशुओं के दूध सूक्ष्म पोषक तत्वों का एक बहुत कुछ शामिल है जिस वजह से यहां के स्थानीय लोग कुपोषण से ग्रस्त नहीं है। हैरानी की बात ये है कि स्थानीय लोगों को अन्य देशों में मौसम के लिए और विपरीत कठोर होते हैं। ओमेकन में तापमान -52 डिग्री सेल्सियस होते के साथ ही यहां के स्कूल बन्द हो कर दिए जाते हैं। ये गांव समुद्र स्तर से 750 मीटर ऊपर स्थित है।

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