toll-taxझांसी। अपराधियों के दिल में खाकी का कोई खौफ नहीं रहा है। मोठ स्थित सेमरी टोल प्लाजा का एक करोड़ 92 हजार रुपए ले जा रहे कैश मैनेजमेंट कंपनी से लूट कर बदमाशों ने पुलिस को खुली चुनौती दी है। लुटेरे कर्मचारियों की कार भी ले गए। वारदात उस वक्त हुई जब कर्मचारी कैश जमा करने झांसी जा रहे थे।

जानकारी के मुताबिक, सुबह करीब नौ बजे रेडियम कैश मैनेजमेंट कंपनी के तीन कर्मचारी राकेश स्वर्णकार, राजेश परिहार और संजीव सिंह टोल प्लाजा से एक करोड़ 92 हजार 950 रुपए लेकर कार से झांसी के लिए निकले थे। रास्ते में चिरगांव थाना क्षेत्र में झांसी-कानपुर हाइवे पर पहलवान ढाबे के पास दो बाइकों में सवार चार लुटेरों ने ओवरटेक कर कार को रुकवा दिया। बदमाशों ने तीनों कर्मचारियों पर तमंचे तान कर कार से बाहर निकाला। इस दौरान विरोध करने पर तीनों की पिटाई कर दी।
इसके बाद तीनों को वहीं छोड़ दो लुटेरे कार पर सवार हुए और बाकी दो बाइकों से वहां से फरार हो गए। खास बात यह है कि सभी लुटेरों ने हाइवे कर्मचारियों वाली यूनीफार्म पहन रखी थी। लुटेरों के भागने के बाद कर्मचारियों ने पुलिस को खबर दी। सूचना मिलते ही कुछ देर में डीआईजी, एसएसपी समेत कई पुलिस अफसर मौके पर पहुंच गए। दरअसल, टोल प्लाजा से कैश मैनेजमेंट कंपनी के कर्मचारी रोजाना झांसी के आईसीआईसीआई बैंक में कैश जमा करते थे। इधर पांच दिन बैंक बंद थे इसलिए पूरा कैश टोल प्लाजा में ही रखा था। गुरुवार को बैंक खुलने पर कंपनी के कर्मचारी पूरा रकम लेकर बैंक जा रहे थे।
वारदात को जिस तरह अंजाम दिया गया उससे यही अंदाजा लगाया जा रहा है कि लुटेरों को कर्मचारियों के पास बड़ी रकम होने की जानकारी थी। उन्होंने हाइवे कर्मचारियों वाली यूनीफार्म इसीलिए पहनी थी ताकि कार रोकने में दिक्कत न हो और कोई उन पर शक न करे। साथ ही वारदात के लिए टोल प्लाजा करीब आठ किमी का सुनसान इलाका चुना गया। पूरे घटनाक्रम को देखकर टोल प्लाजा पर काम करने वाले किसी कर्मचारी के भी वारदात में मिले होने की आशंका बन रही है।

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