nityananda-police-jail पत्रकार पर हमला करने के मामले में गिरफ्तार किए गए विवादास्पद स्वयंभू बाबा नित्यानंद को गुरुवार को यहां की एक अदालत से जमानत मिलने के कुछ ही घंटे बाद फिर से गिरफ्तार कर लिया गया और शांति भंग करने के आरोप में एक दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया। नित्यानंद हमले के मामले में आत्मसमर्पण करने के लिए कल अदालत में पेश हुआ था, जिसके बाद उसे

India.com

गिरफ्तार कर लिया गया था। प्रथम श्रेणी न्यायिक मजिस्ट्रेट कोमल ने नित्यानंद को जमानत दी थी। रामनगर के पुलिस अधीक्षक अनुपम अग्रवाल ने बताया कि उसे लोक शांति व्यवस्था भंग करने (धारा 151) सहित आईपीसी की विभिन्न धाराओं के तहत गिरफ्तार किया गया है और एक दिन की न्यायिक हिरासत में भेजा गया है।  उनको कल ही एक दिन के लिए पुलिस हिरासत में भेजा गया था। इलाके में व्याप्त तनाव को देखते हुए नित्यानंद की सुरक्षा मुहैया कराने के लिए यह कदम उठाया गया था। कई दिनों से ‘लापता’ चल रहे नित्‍यानंद ने बुधवार को अचानक रामनगरम कोर्ट में सरेंडर कर दिया था। स्‍वामी ने जमानत की अर्जी दी लेकिन अदालत ने उनकी अर्जी स्‍वीकार नहीं की। सरकार द्वारा गिरफ्तारी के आदेश जारी किए जाने के बाद पुलिस इस धर्मगुरु की जोरशोर से तलाश कर रही थी।
नित्‍यानंद द्वारा कथित रूप से यौन उत्‍पीड़न का शिकार लड़की आरती राव मीडिया के सामने आई हैं। उनका कहना है कि नित्‍यानंद उन्‍हें अपना दुश्‍मन मानते हैं और उनसे उनकी जान को खतरा है।
इस बीच, स्‍वामी के खिलाफ सुबूत जुटाने का काम भी जारी है। नित्‍यानंद पर आरोप है कि उनकी सरपरस्‍ती में आश्रम में अवैध गतिविधियां चलती थीं। पुलिस आश्रम में इसके सुबूत तलाश रही है। इस बात की भी जांच की जा रही है कि कहीं उन्‍होंने जमीन का अतिक्रमण तो नहीं किया था।
एसपी अनूप अग्रवाल ने बताया कि 22 एकड़ में फैले स्‍वामी के आश्रम के सर्वर रूम की भी तलाशी ली गई है और पुलिस को कुछ हार्ड डिस्‍क और सीडी और अन्‍य दस्‍तावेज भी मिले हैं, जिनकी जांच की रही है।
नित्‍यानंद ने गिरफ्तारी से बचने के लिए मंगलवार को कर्नाटक हाईकोर्ट में याचिका दायर की थी। इसमें उन्‍होंने अदालत से मांग की थी कि उनके खिलाफ दर्ज एफआईआर रद्द करने का आदेश दिया जाए। उनके आश्रम में गत सप्‍ताह हुई हिंसक घटनाओं के बाद पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज की थी।

कोई जवाब दें

कृपया अपनी टिप्पणी दर्ज करें!
कृपया अपना नाम यहाँ दर्ज करें

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.