girl-blameलखनऊ। लखनऊ विश्वविद्यालय में गुरुवार को फ्रेंच विभाग की एक छात्रा ने प्रोफेसर पर छेड़छाड़ का आरोप लगाया है। उसका कहना है कि जब वह क्‍लास के बारे में पूछने प्रोफेसर के चैंबर में गई, तो उसे अकेला देख गंदी हरकत करने की कोशि‍श की। इसके बाद वह वहां से जल्द ही बाहर निकल गई। इससे पहले भी प्रोफेसर ने उसे कई बार कहा था, मुझसे मिलना हो तो अकेले में मि‍ला करो।

क्‍या है मामला
लखनऊ विश्वविद्यालय में फ्रेंच विभाग की छात्रा ने अपने प्रोफेसर शैलेंद्र प्रताप सिंह पर शारीरिक शोषण का आरोप लगाया है। छात्रा के अनुसार, वह गुरुवार को क्लास पुछने पहुंची, तो पता चला कि क्लास नहीं होगी। इसे कन्‍फर्म करने के लिए वह विभाग के प्रोफेसर शैलेंद्र प्रताप सिंह के चैंबर में पहुंची।
प्रोफेसर ने क्‍या कहा
प्रोफेसर ने उससे कहा कि कि बैक पेपर के कारण सभी क्लासेस सस्पेंड हैं। यह सुनकर छात्रा उनके कमरे से बाहर जाने लगी। इस पर प्रो. शैलेंद्र प्रताप ने उसे रोककर कहा कि मुझसे भी कभी-कभी मिल लिया करो। छात्रा ने जवाब दि‍या कि सर मै तो रेगुलर आती हुं। और रोज मिलती हुं। इस पर प्रोफेसर ने कहा कि ऐसा मिलना भी कोई मिलना है क्या? मुझसे पर्सनली मिल लिया करो। प्रो. शैलेंद्र प्रताप पर आरोप है कि इसके बाद वह छात्रा के साथ गंदी हरकत करने लगे। छात्रा वहां से तुरंत कमरे से बाहर निकली और चली गई। उसने इसकी सूचना अपने सहेलियों से बताई।
छात्रा ने बताई पूरी कहानी
छात्रा ने कहा कि जब वह क्लास में जाती थी, तब प्रोफेसर अभद्र टिप्पणियां करते थे। टेबल के नीचे से पैर मारते थे। जब पैर हटाती थी तो जबरदस्ती पैर पीछे करके और ऊपर रखने का प्रयास करते थे। बोलते थे कि थोड़ा नीचे झुककर बैठा करो। जींस के बजाय सलवार पहनकर आया करो।
प्रोफेसर से ली थी मदद
छात्रा ने बताया कि मै अपने एडमिशन के समय में थोड़ी प्रॉब्लम आई तो प्रोफेसर से मदद मांगी थी। उन्होंने मदद करने का आश्वासन भी दिया था। एडमिशन के समय मिलने के बाद मैंने फोन पर उनसे बात की तो उन्होंने अकेले मिलने के लिए बुलाया। मैं अपने दो फ्रेंडो के साथ उनके पास गई तो उन्होंने मेरे फ्रेन्ड को अपने कमरे से बाहर कर दिया। इसके बाद मेरे साथ अभद्र व्यवहार कराना शुरू कर दिया।
फोन करके किये परेशान
छात्रा ने कहा कि प्रोफेसर ने मेरा नंबर मांगा था, तो उन्‍हें अपना मोबाइल नंबर दे दिया था। इसके बाद फोन कर गंदी-गंदी बातें करते थे। इसकी शिकायत उसने अपने फ्रेन्ड से की, तो उसने उनके पास जाकर मेरा नंबर उनके फोन से डिलिट करा दी। उसके साथ ही साथ अपना नंबर उनके मोबाईल में सेव करवा दिया। साथ ही हिदायत दी कि अगली बार कोई भी बात करनी हो तो इसी नंबर पर फोन करें।
जांच रिपोर्ट के बाद होगी कार्रवाई
मामले को वीसी प्रो. एसबी निमसे ने प्राथमिक जांच टीम बनाकर इस पूरे मामले की जांच कर दो दिन में रिपोर्ट देने को कहा है। जांच टीम की रिपोर्ट आने के बाद आरोपी प्रोफेसर पर कार्रवाई की जाएगी। इसके बाद विशाखा गाइडलाइन के तहत एक कमेटी बनाकर पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाएगी। अगर प्रोफेसर पर आरोप सही पाया जाता है, तो उनके खिलाफ कार्यपरिषद में मामला रखकर कार्रवाई होगी।

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