इस लोकसभा चुनाव में मध्य प्रदेश की सबसे हॉट सीट भोपाल से चुनाव लड़ने की अटकलों पर लगभग विराम लग गए है। इस सीट से बीजेपी ने साध्वी प्रज्ञा सिंह ठाकुर को मैदान में उतारा है। भाजपा की सदस्या लेने के बाद उन्होंने मध्यप्रदेश के दिग्गज नेताओं के साथ बैठक करके आगे रणनीति बनाई। बता दें बीजेपी भोपाल की सीट को किसी भी हालत में हारना नहीं चाहती है। इस सीट से सेटिंग एमपी को हटाकर पार्टी अब साध्वी को लेकर सामने आए है। बता दें यहां से कांग्रेस ने पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह को मैदान में उतारा है। वैसे, यहां के स्थानीय कार्यकर्ता पहले उमा भारती के उतारने की मांग कर रहे थे, लेकिन उन्होंने चुनाव लड़ने से मना कर दिया। हालांकि बीजेपी में शामिल होते ही साध्वी प्रज्ञा ठाकुर ने मुख्यमंत्री कमलनाथ पर सवाल उठाने शुरू कर दिए है। भाजपा में शामिल होने के बाद साध्वी प्रज्ञा ने मीडिया से बातचीत में कहा कि वह चुनाव लड़ेंगी और जीतेंगी। उन्होंने कहा कि अगर वह भोपाल से चुनाव लड़ेंगी तो उनका मुकाबला चाहे जिससे हो, लेकिन उनकी की होगी। बीजेपी में शामिल होने के बाद पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान, रामलाल और प्रभात झा के साथ बैठक की।

ध्रुवीकरण देखने को मिल सकता है
इस सीट पर ध्रुवीकरण देखने को मिलेगा। बता दें साध्वी प्रज्ञा हिंदुत्व का चेहरा मानी जाती है इसलिए भोपाल सीट से उन्हें उतारा जा सकता है। पार्टी उनको टिकट देने से पहले काफी विचार कर रही है। कहा जा रहा है कि अगर पार्टी उन्हें उतारती है, तो क्या नुकसान होगा उस पर भी विचार किया जा रहा है। प्रज्ञा पर हिन्दुत्व आंतकवाद का आरोप लगता रहा है। 2008 में मालेगांव ब्लास्ट की आरोपी साध्वी प्रज्ञा है। जिन्हें पिछले साल ही एनआईए कोर्ट ने सबूतों के अभाव में बरी कर दिया था। हालांकि हिन्दू आंतकवाद का नाम देने वाले दिग्विजय सिंह अब पूरी तरह से तैयार है और वह चुनावी प्रचार में जुटे हुए हैं। बता दें ‘हिंदू आतंकवाद’ शब्द को जन्म दिग्विजय सिंह ने ही दिया था।

कौन हैं साध्वी प्रज्ञा ठाकुर

साध्वी प्रज्ञा ठाकुर 2004 से चर्चा में रही है। पहली बार पूरे देश में वह 2008 में मालेगांव हमले के बाद चर्चा में आई थी। जब 29 सितंबर 2008 को मालेगांव में मजिस्द के सामने धमाके हुए थे। यहां पर हमला होने के बाद साध्वी प्रज्ञा ठाकुर की गिरफ्तारी ब्लास्ट केस में की गई थी। वह 9 सालों तक जेल में रही थीं। यहां पर एक मस्जिद के बाहर एक मोटर साइकिल में धमाका हुआ। इसमें छह लोगों की मौत हुई थी और 100 घायल हुए थे। साध्वी प्रज्ञा मालेगांव ब्लास्ट के अलावा 2007 में आरएसएस प्रचारक सुनील जोशी के हत्याकांड में भी आरोपी थीं, लेकिन कोर्ट ने उन्हें सभी आरोपों से बरी कर दिया। साध्वी प्रज्ञा मध्यप्रदेश की ही रहने वाली है। उनका जन्म भिंड जिले के कछवाहा गांव में हुआ था। प्रज्ञा ने हिस्ट्री में पोस्ट ग्रैजुएट किया है और उनका शुरुआत से ही दक्षिणपंथी संगठनों की तरफ रुझान रहा है। प्रज्ञा आरएसएस की छात्र इकाई एबीवीपी की सक्रिय सदस्य भी रह चुकी हैं। बता दें भोपाल से चुनाव लड़ने ज रही प्रज्ञा के सामने बहुत बड़ी चुनौती होगी। इस सीट से पिछले चुनाव में बीजेपी के आलोक सांजर ने 7.14 लाख वोट अपने नाम किए थे। जबकि कांग्रेस प्रत्याशी पी.सी. शर्मा को महज 3.43 लाख वोट ही मिले थे।

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