2015_12largeimg212_dec_2015_122634540टोक्यो। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज जापान की कंपनियों से भारत में निवेश बढ़ाने की अपील करते हुये कहा कि भारत उनकी चिंताओं के निराकरण के लिए खुद आगे बढक़र पहल करेगा।
जापान की यात्रा पर आये श्री मोदी ने भारतीय उद्योग परिसंघ (सीआईआई) तथा किदानरेन (जापान बिजनेस फेडरेशन) द्वारा आज यहाँ संयुक्त रूप से आयोजित एक कार्यक्रम में कहा कि आज हर वैश्विक कंपनी के पास भारत के लिए विशेष रणनीति है तथा जापानी कंपनियाँ भी इसका अपवाद नहीं हैं। यह आश्चर्य की बात नहीं है कि जापान भारत में चौथा बड़ा निवेशक है। जापानी कंपनियाँ का निवेश विनिर्माण तथा सेवा क्षेत्र, इंफ्रास्ट्रक्चर तथा बीमा, ई-कॉमर्स तथा इक्विटी, नयी तथा पुरानी परियोजनाओं सबमें है। हम जापान से और ज्यादा निवेश की उम्मीद करेंगे। इसके लिए हम आपकी चिंताओं के निराकरण के लिए स्वयं पहल करेंगे। उन्होंने कहा कि जापानी औद्योगिक टाउनशिप समेत सभी प्रकार के विशेष तंत्रों को भारत और सुदृढ़ करेगा। उन्होंने जापानी नागरिकों को दी जाने वाली 10 साल वाले कारोबारी वीजा, ई-पर्यटक वीजा तथा वीजा ऑन अराइवल जैसी सुविधाओं का इस्तेमाल करने के लिए भी उन्हें प्रेरित किया।

‘ भारत को बनाना चाहता हूं सबसे खुली अर्थव्यवस्था
विश्व और एशिया में भारत-जापान के मजबूत संबंधों को ‘स्थिरता का कारकÓ बताते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को कहा कि वह भारत को ‘विश्व की सबसे खुली अर्थव्यवस्थाÓ बनाना चाहते हैं। टोक्यो में व्यवसायियों से बात करने के बाद मोदी ने ट्वीट किया, ‘मैं यह कहता रहा हूं कि भारत और जापान एशिया के उदय में एक अहम भूमिका निभाएंगे।Ó प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि एशिया अपने प्रतिस्पर्धी विनिर्माण और बाजार के विस्तार के कारण वैश्विक विकास के लिए एक नए केंद्र के रूप में उभरा है। उन्होंने कहा, ‘भारत में ‘जापानÓ को गुणवत्ता, उत्कृष्टता, ईमानदारी और निष्ठा का प्रतीक माना जाता है।Ó

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