islam-dharamगुरुवार को मुरादाबाद में बिलारी तहसील के शाहबाद रोड स्थित मदरसा गुलशने फातमा में अमेरिका के ह्यूस्टन शहर की मस्जिद अलनूर में रहने वाले मौलाना मुफ्ती उमेर शरीफ साहब फैजी ने कहा कि वह पीरे मुर्शिद बकार फैज के हुक्म पर भारत आए हैं। मतलब साफ है कि अमेरिका और भारत में इस्लाम धर्म का सम्मान किया जाता है।

जो बुजुर्गों के आस्ताने पर अपनी हाजिरी देंगे। उन्होंने कहा कि इस्लाम अमन और शांति का धर्म है। हमेशा शांति का ही पैगाम देता है, लेकिन कुछ दहशत गर्द इस्लाम के नाम पर आतंक फैलाते हैं। जबकि उनका आतंक से कोई वास्ता ही नहीं हैं। वह इस्लाम के दुश्मन हैं। उन्होंने भारत के साथ ही साथ अमेरिकी मुल्क की भी तारीफ की।

उन्होंने कहा कि दोनों ही देशों में इस्लाम को सम्मान दिया जाता है, मगर दहशतगर्द, जिनका इस्लाम से कोई वास्ता नहीं, वह अपने आतंक से इस्लाम को बदनाम कर रहे हैं। उन्होंने मुसलमानों से कहा कि असली मुसलमान वही है जो दूसरों की खिदमत करे। भूखों को खाना खिलाए। जरूरतमंदों की जरूरतों को पूरा करे। उन्हें अल्लाह की रजा प्राप्त होती है।
इस दौरान उन्होंने मुसलमानों से पांचों वक्त की नमाज पढ़ने का आह्वान किया। इस मौके पर मौलाना उवैश रजा, मौलाना सलमान, इसरार हुसैन, कासिम अंसारी, राशिद चौधरी, वाशिक हुसैन, असफाक हुसैन, हाजी राजू रफी, दिलशाद अली खां, कारी रईस अशरफ आदि रहे।

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