doctorआगरा। आगरा के एसएन मेडिकल कॉलेज के एक सीनियर डॉक्टर पर बेहद संगीन आरोप लगा है। थाने में दर्ज करायी गयी रिपोर्ट के मुताबिक इस डॉक्टर ने अपने जूनियर से एक मरीज को मार डालने के लिए मोबाइल फोन पर कहते सुना गया है। इस बातचीत को फोन से रिकॉर्ड कर लिया गया है। डॉक्टर ने टीबी के मरीज को भर्ती करने से माना कर दिया था। मरीज की हालत बहुत खराब थी। और उसके पेट में अल्सर था। जिससे लगातार खून बह रहा था। ऐसे में इन्होंने अपने जूनियर से फोन पर कहा कि उसे इतना परेशान कर दो कि वह खुद ही हॉस्पिटल छोड़ दे, लेकिन उसे भर्ती जरूर कर लो।

मरीज 18 साल का एक लड़का था। और भर्ती होने के थोड़ी ही देर बाद मर गया था। मृतक का नाम मुकेश प्रजापति है। दोनों डॉक्टरों के बीच हुई इस बातचीत को मुकेश के पिता टीकम प्रजापति ने फोन में रिकॉर्ड कर लिया था। रिकॉर्ड को जिले के अधिकारियों और स्वास्थ्य विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों ने सुना और कहा है कि वे आरोपों की जांच करेंगे। मुकेश के पिता ने बताया कि शुक्रवार की रात 10 बजे मैं अपने बेटे को हॉस्पिटल लेकर गया। वह टीबी का मरीज था और अचानक उसके पेट में दर्द होने लगा था।

हॉस्पिटल का रवैया
मेडिसिन वार्ड के डॉक्टर उनकी बात सुनने के लिए तैयार ही नहीं थे। मरीज के पिता ने दीवार पर सर्जरी डिपार्टमेंट के हेड डॉ. श्वेतांक प्रसाद का नंबर को देखा और उन्हें कॉल किया। फिर उन्होंने अपने जूनियर डॉक्टर से बात की। इसके बाद मुकेश को इमर्जेंसी वार्ड में भर्ती किया गया। भर्ती होने के कुछ ही घंटों बाद मुकेश की मौत हो गई। डॉक्टर को इस बात की जानकारी नही थी कि मुकेश के पिता ने उनके बीच हुई बातचीत को अपने फोन में रिकॉर्ड कर लिया है। मुकेश की मौत के बाद उसके परिवार ने रिकॉर्डिंग सुनी और सुनाई।

क्या कहा सीनियर डॉक्टर ने
उस रिकॉर्डिंग में सर्जरी डिपार्टमेंट के हेड डॉ. प्रकाश ने जूनियर डॉक्टर को कुछ इस तरह के निर्देश देते हुए सुना गया है। डॉक्टर का कहना था कि भर्ती कर जरूर कर लो फिर सर्जरी और मेडिसिन में मार डालो। ब्लड लिख दो कि जिससे वो अपने आप भाग जाएगा। अगर ब्लड लाना भर्ती होने के लिए जरूरी शर्त होती तो वे मरीज को किसी और हॉस्पिटल में जाने के लिए कहते। मुकेश के पिता ने शनिवार रात को ही एमएम गेट पुलिस स्टेशन में सीनियर डॉक्टर के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज करवा दी है। एसपी सुशील घुले ने कहा कि हमने कॉलेज प्रशासन को एक चिट्ठी लिखी है। जिसमें मेडिकल बोर्ड की ओर से रिपोर्ट मिलने के बाद हम कार्रवाई शुरू करेंगे।

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