वर्ल्ड की सबसे बड़ी हेल्थकेयर स्कीम ‘आयुष्मान भारत’ या मोदीकेयर 25 सितंबर से शुरू हो चुकी है और अब सरकार इसको सफल करने में कोई कसर छोड़ने को तैयार नहीं है। इसकी सक्सेस में सबसे बड़ी रुकावट उन्हीं लोगों को माना जा रहा है, जिनके लिए इसे शुरू किया गया। पर अब मोदी सरकार ने इसका समाधान भी निकाल लिया है। इस बारे में नीति आयोग के सदस्य विनोद के पॉल ने बताया है।

विनोद के पॉल ने कहा कि मोदीकेयर के सफल होने में सबसे बड़ी परेशानी वही 10 करोड़ परिवार या 50 करोड़ लोग हैं, जिनके लिए यह है। असल में उन्हें पता ही नहीं है कि स्कीम क्या है, इसका कैसा लाभ लेना है और वह इसके लिए पहले से ही रजिस्टर्ड हैं। बता दें कि सामाजिक-आर्थिक जातिगत जनगणना के डेटा के आधार पर निचले स्तर पर आनेवाले 40 प्रतिशत लोग आयुष्मान भारत का लाभ लेने के लिए खुद रजिस्टर हो चुके हैं, उन्हें अलग से कोई प्रकिया पूरी नहीं करनी है।

विनोद के पॉल के मुताबिक, अब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इस समस्या पर जड़ से प्रहार करनेवाले हैं। मोदी की तरफ से 10 करोड़ परिवारों को अब पत्र भेजे जाएंगे, जिसमें आयुष्मान भारत हेल्थ केयर स्कीम के बारे में बताया जाएगा।

आयुष्मान भारत को लॉन्च हुए करीब एक महीना बीत चुका है। अबतक 112,000 लोगों ने इसका लाभ उठाया है, जिसपर कुल 146 करोड़ रुपये से ज्यादा का खर्च आया है। सरकार इसपर सालाना 120 अरब रुपये खर्च करने का प्लान बना चुकी है। पॉल ने बताया कि अबतक 15,000 से ज्यादा प्राइवेट हॉस्पिटल इस स्कीम का हिस्सा बन चुके हैं। स्कीम की अन्य समस्याओं का जिक्र किया बिना पॉल ने कहा, ‘चैलेंज कई हैं लेकिन उनसे परेशान होने की जरूरत नहीं है।’

योजना को संचालित करने वाली नैशनल हेल्थ एजेंसी (NHA) ने एक वेबसाइट और हेल्पलाइन नंबर लॉन्च किया है, जिसके जरिए कोई भी यह जांच सकता है कि लाभार्थियों की फाइनल लिस्ट में उसका नाम शामिल है या नहीं। लिस्ट में अपना नाम जांचने के लिए आप mera.pmjay.gov.in वेबसाइट देख सकते हैं या हेल्पलाइन नंबर 14555 पर कॉल कर सकते हैं

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