प्रधानमंत्री श्री नरेन्‍द्र मोदी की अध्‍यक्षता में संपन्‍न केंद्रीय मंत्रिमंडल की बैठक में हुगली डॉक एंड पोर्ट इंजीनियर्स लिमिटेड (एचडीपीईएल) के कर्मचारियों के स्‍वैच्छिक सेवा निवृत्ति योजना (वीआरएस) और संयुक्‍त उद्यम के जरिए कंपनी के पुनर्निर्माण को मंजूरी दी गई। संशोधित वीआरएस पैकेज आईडीए-2007 पर आधारित है और वेतनमान से जोड़ा गया है। संशोधित वीआरएस योजना तीन महीने के लिए खुली रहेगी और उसे एक महीने बढ़ाने का प्रावधान है। संशोधित वीआरएस लागू हो जाने के बाद निजी क्षेत्र के साथ संयुक्‍त उद्यम के जरिए कंपनी का पुनर्निर्माण किया जाएगा और इसमें असफलता हुई तो कंपनी का विनिवेश किया जाएगा।

संशोधित वीआरएस पैकेज लागू हो जाने से एचडीपीईएल की श्रम शक्ति में बहुत कमी आ जाएगी और इससे कर्मियों की संख्‍या में कमी लाने में मदद मिलेगी। इसके बाद एचडीपीईएल का पुनर्निर्माण आसान हो जाएगा।

मौजूदा वीआरएस पैकेज पुराने पूर्व-संशोधित वेतनमान पर आधारित है तथा संशोधित वीआरएस पैकेज के लागू हो जाने से एचडीपीईएल के स्‍वैच्छिक सेवा निवृत्ति के इच्‍छुक कर्मचारियों को बेहतर सेवा निवृत्ति लाभ प्राप्‍त होंगे। इस निर्णय से कर्मचारियों के कल्‍याण को बेहतर तरीके से अंजाम दिया जा सकेगा और सरकारी खजाने में लगातार होने वाले नुकसान को रोका जा सकेगा।

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