अपने विमान से आंतकवादी को ले जाने और जिन्ना के गुणगान करने वाले जसवंत सिंह हामिद असंारी को चुनौती देंगे।

Hamid Ansariदेश के वित्त और विदेश मंत्री रह चुके जसवंत सिंह एनडीए की ओर से उप राष्ट्रपति पद के उम्मीदवार होंगे। राष्ट्रपति चुनाव में नजर आए मतभेदों को पीछे छोड़ते हुए बीजेपी के नेतृत्व वाले एनडीए ने सर्वसम्मति से जसवंत को उप राष्ट्रपति पद का उम्मीदवार घोषित कर दिया। यूपीए की ओर से हामिद अंसारी मैदान में हैं|

एनडीए की बैठक के बाद लालकृष्ण आडवाणी ने ऐलान किया कि जसवंत को उप राष्ट्रपति पद के लिए सर्वसम्मति से उम्मीदवार चुना गया है। अब एनडीए की कोशिश होगी कि जसवंत के लिए एआईएडीएमके, बीजेडी समेत अन्य दलों का समर्थन हासिल किया जाए। आडवाणी ने यूपीए के घटक दल तृणमूल कांग्रेस से भी इस सिलसिले में बातचीत करने की संभावना से इनकार नहीं किया है। तृणमूल ने गोपाल कृष्ण गांधी और कृष्णा बोस के नामों का प्रस्ताव संभावित उम्मीदवारों के रूप में किया था। ममता बनर्जी ने अब तक स्पष्ट नहीं किया है कि वह अंसारी की उम्मीदवारी का समर्थन करेंगी या नहीं। बीजेपी ने अपने महत्वपूर्ण सहयोगी जेडी(यू) के साथ संबंध सुधारने की कवायद में शरद यादव से एनडीए की ओर से उप राष्ट्रपति पद का उम्मीदवार बनने की पेशकश की। आडवाणी ने कहा, ‘शरद यादव का नाम उप राष्ट्रपति पद के संभावित उम्मीदवार के रूप में सामने आया था। सुषमा स्वराज ने उनसे बात कर इस बारे में विचार करने का आग्रह किया लेकिन उन्होंने कहा कि उनका स्वभाव इसकी इजाजत नहीं देता क्योंकि आज की तारीख में वह सक्रिय राजनीति में मुक्त रूप से काम कर रहे हैं और उप राष्ट्रपति पद इसे बाधित करता है। इसके बाद जसवंत के नाम पर विचार हुआ और एनडीए के सभी घटक दलों ने मुहर लगा दी। गौरतलब है कि जेडी (यू) और शिवसेना राष्ट्रपति चुनाव में यूपीए के उम्मीदवार प्रणव मुखर्जी का समर्थन कर रही हैं। जेडी (यू) के अध्यक्ष शरद यादव और शिवसेना के सांसद संजय राउत एनडीए की आज की बैठक में उपस्थित थे|

बताया जाता है कि संख्या बल के अभाव के चलते जसवंत सिंह शुरू में उप राष्ट्रपति पद का चुनाव लडऩे के इच्छुक नहीं थे। लेकिन बीजेपी के शीर्ष नेतृत्व ने 2014 के लोकसभा चुनावों को देखते हुए यूपीए को ‘वॉकओवर’ नहीं देने के राजनीति महत्व को समझाते हुए उन्हें यह चुनाव लडऩे के लिए राजी कर लिया। उम्मीदवारी की घोषणा के बाद जसवंत सिंह ने एनडीए का आभार व्यक्त करते हुए कहा, ‘यह बड़ी जिम्मेदारी और बड़ी चुनौती है|

इस मौके पर आडवाणी ने आरोप लगाया कि राष्ट्रपति और उप राष्ट्रपति, दोनों पदों के चुनाव में यूपीए ने आम सहमति बनाने की कोशिश नहीं की। उन्होंने कहा कि राष्ट्रपति पद के लिए प्रणव मुखर्जी को यूपीए का उम्मीदवार घोषित किए जाने के पांच मिनट बाद और उप राष्ट्रपति पद के लिए हामिद अंसारी को प्रत्याशी घोषित करने से पांच मिनट पहले प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने उन्हें और बीजेपी के अन्य वरिष्ठ नेताओं को फोन करके इस बारे में बताया था। आडवाणी ने कहा कि दोनों अवसरों पर प्रधानमंत्री ने केवल औपचारिकता भर निभाई|

आडवाणी ने संवाददाताओं से कहा, हामिद अंसारी ने लोकपाल बिल पर चर्चा के दौरान जिस तरीके से राज्यसभा की कार्यवाही अचानक स्थगित की उस पर एनडीए को आपत्ति है। उन्होंने कहा कि जेडी (यू) अध्यक्ष शरद यादव ने बैठक में याद दिलाया कि महिला आरक्षण विधेयक को पारित करने के दौरान भी उसका विरोध कर रहे सांसदों को बाहर करने के लिए मार्शल का इस्तेमाल किया जाना भी चिंताजनक घटना थी। आडवाणी ने कहा कि शनिवार को प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने जब अंसारी की उम्मीदवारी पर समर्थन मांगने के लिए बात की थी तो उस समय उनके सामने हमने अपनी चिंताएं रख दी थीं|

वैसे उप राष्ट्रपति के चुनाव में संख्या बल यूपीए के साथ नजर आ रहा है। इस पद के चुनाव में संसद के दोनों सदनों के सदस्य हिस्सा लेते हैं। दोनों सदनों के कुल 790 सदस्यों के बीच समाजवादी पार्टी, बहुजन समाज पार्टी और कुछ अन्य बाहरी दलों के समर्थन से यूपीए के उम्मीदवार को लगभग 500 सांसदों का समर्थन मिलने की संभावना है। उप राष्ट्रपति चुनाव के लिए नामांकन दायर करने की आखिरी तारीख 20 जुलाई है। इससे एक दिन पहले 19 जुलाई को राष्ट्रपति पद का चुनाव होना है। उप राष्ट्रपति पद के लिए चुनाव 7 अगस्त को होना है|

कोई जवाब दें

कृपया अपनी टिप्पणी दर्ज करें!
कृपया अपना नाम यहाँ दर्ज करें

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.