13-yogi-adityanathकसम राम की खाते हैं मंदिर वहीं बनायेंगे। नारा बुलन्द करने व पूर्वांचल में हिन्दू संगठन के मजबूत स्तम्भ के रूप में विख्यात योगी आदित्यनाथ से मोहित सिंह ने इस चुनावी बयार में उनसे कुछ मुद्दों को लेकर बातचीत की। श्री योगी से दूरभाष पर हुई वार्ता के प्रमुख अंश प्रस्तुत हैं।
अयोध्या में राममंदिर के मुद्दे पर अस्तित्व में आई भाजपा ने इस भावनात्मक मुद्दे को पीछे क्यों कर दिया?
ये सब भ्रम फैलाया जा रहा है ऐसा कुछ भी नहीं है हम कर्म करने में विश्वास रखते है। राम मंदिर हिन्दुओं के अस्तित्व का मामला है। इस पर हम और हमारा संगठन कार्य कर रहा है। हम दिखावा नहीं करते।
अटल बिहारी बाजपेयी से लेकर राजनाथ सिंह तक राम मंदिर को राष्टï्रीय स्वाभिमान का विषय बताकर टालते रहे है फिर उन करोड़ों हिन्दुओं की भावनाओं का क्या होगा । जिन्होंने आप जैसे हिन्दूवादी नेताओं का मार्ग प्रशस्त किया?
ऐसा नहीं है इस मुद्दे को कभी भी टाला नहीं गया। ये हमारे स्वाभिमान की लड़ाई है हम इस मुद्दे पर बहुत तेजी से काम कर रहे है।
क्या हिन्दुओं का स्वाभिमान नेपथ्य में जा चुका है?
ये आपसे किसने कह दिया ये बहस का मुद्दा नहीं है हिन्दू जितना सहनशील है उतना ही स्वाभिमानी भी है हिन्दू कौम बुजदिल नहीं है उसकी नस -नस में राम बसे हैं ।
हमेशा आप पर आरोप लगता रहा है कि आप पूर्वांचल में सामान्तर संगठन चलाते हैं, लेकिन इस बार नरेन्द्र मोदी व अमित शाह ने आप के प्रस्तावों को ठंडे बस्ते में डाल दिया ?
ऐसा नहीं है मैने जो प्रस्ताव दिये उनपर अमल किया गया क्योकि पार्टी के वरिष्ठï ये भली भाति जानते है कि मैं कभी भी गलत प्रस्ताव नहीं रखता जिस पर उंगली उठायी जा सके। मेरा कोई दवाब भी नहीं रहता ये तो एक सोची समझी विरोधियों की रणनीति रही है कि वे मुझपर मनघड़ंत आरोप लगाते रहते है लेकिन पार्टी ही नहीं बल्कि पूरा भारत वर्ष जानता है कि मैं हिन्दू जनमानस का सम्मान ही नहीं उनकी भावनाओं के लिए संर्घष करता रहा हूं और जीवन भर करता रंहूगा।
राम विलास वेदान्ती और स्वामी चिन्मयानंद का टिकट काटकर पार्टी य यंू कह लीजिए कि मोदी और अमित शाह ने यह सिद्घ कर दिया कि हिन्दू लाइन की आपकी भगवा ब्रिगेड को ज्यादा महत्व नहीं दे रहे हैं?
देखिये मैं फिर कह रहा हूं कि ऐसा कुछ भी नहीं है। वेदान्ती जी के टिकट पर पार्टी में चर्चा चल रही है और हो सकता है कि उन्हें टिकट दे दिया जाए। दूसरी बात स्वामी चिन्मयानंद जी कि है तो उन्हें पूर्व में हरिद्वार और जौनपुर के लिए कहा गया था अब अंत में ऐसा क्यों हुआ ये तो पार्टी हाईकमान ही बता सकती है एक बात और आपसे बता दंू कि भगवा ब्रिगेड का कभी भी महत्व कम न हुआ है और न कभी हो गा हम काम में विश्वास करते है कोरी बातों पर नहीं ।
कमलेश पासवान का टिकट बरकरार रखना भी आपके लिए चुनौती है?
ये चुनौती नहीं है कमलेश जी कमल खिलायेंगे
और हर हालत में संसद की शोभा बढ़ायेंगे मंै आपको विश्वास दिलाता हूं कि कमलेश पासवान अन्य दलों के लिए एक बड़ी चुनौती हैं।
इन्सेफ्लाइटिस हर बार चुनाव में मुद्दा बनता है। लेकिन आज तक इस खतरनाक बीमारी का निराकरण नहीं हो सका ऐसा क्यों ?
इस गम्भीर मामले पर हमने जो सुझाव राष्टï्रीय स्तर पर दिये उन पर कार्यवाही शुरू हो चुकी है। गोरखपुर मेडिकल कॉलेज में बकायदा इस पर काम हो रहा है बीमारी को लेकर हमारा संगठन इस पर अपनी नजर बनाये रखता है आज मेडिकल कॉलेज में हमारे प्रयास से इस बीमारी की रोकथाम के लिए विशेष विभाग बने हैं जिसमें मरीजों को समुचित सुविधाए मिल रही हैं।

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