यूरो कप 2012 के फाइनल में स्पेन ने इटली को 4-0 से पीटकर खिताब अपने पास बरकरार रखा है। स्पेन के सिल्वा, एल्बा, टोरेस और माटा ने मैच में गोल दागकर अपनी टीम को शानदार जीत दिलाई। एकतरफा मुकाबले में स्पेन ने इटली को पूरे मैच में कभी हावी नहीं होने दिया। स्पेन ने लगातार दूसरी बार यूरो का खिताब जीता है जो कि इससे पहले किसी भी टीम ने नहीं किया था। बता दें कि इटली पर 4-0 से जीत दर्ज कर स्पेन ने एक और रिकॉर्ड दर्ज किया है। यूरो कप फाइनल में अबतक किसी भी टीम ने इतनी बड़ी जीत दर्ज नहीं की है। इससे पहले 1972 में तत्कालीन पश्चिमी जर्मनी ने सोवियत संघ को 3-0 से हराकर खिताब जीता था स्पेन का कुल मिलाकर ये तीसरा यूरो कप खिताब है। स्पेन ने सबसे पहले 1964 में सोवियत संघ को 2-1 से हराकर खिताब जीता था उसके बाद फिर 2008 में स्पेन ने जर्मनी को 1-0 से हराकर यूरो कप जीता था और तीसरी बार इटली को हराकर 2012 का खिताब अपनी झोली में डाला है। स्पेन ने लगातार तीसरी बार बड़ा खिताब जीतकर एक रिकॉ़र्ड कायम किया है। स्पेन ने 2008 में यूरो कप अपने कब्जे में किया उसके बाद 2010 में फुटबॉल का विश्व कप जीता था और अब तीसरी बार फिर से यूरो कप जीतकर साबित कर दिया कि फिलहाल उसके सामने दूसरी कोई टीम टिक नहीं सकती।आज से पहले स्पेन और इटली के इतिहास में पलड़ा अबतक इटली का भारी रहा है। 1920 ओलंपिक्स से लेकर 1994 के विश्व कप क्वार्टफाइनल तक इटली स्पेन पर हमेशा भारी रहता था लेकिन यूरो 2012 के फाइनल में साफ हो गया कि मौजूदा दौर में स्पेन की बादशाहत को चुनौती देना मुश्किल ही नहीं नामुमकिन हैं। 92 साल बाद स्पेन ने इटली पर किसी बड़े टूर्नामेंट के अहम मुकाबले में जीत दर्ज की है।

स्पेन की लगातार तीसरी बड़ी खिताबी जीत ने एक और बात साफ कर दी है। अब फुटबॉल का रंग पीला नहीं लाल हो गया है। अब तक विश्व फुटबॉल का रंग ब्राजील के पीले रंग से जोड़कर देखा जाता था लेकिन जिस आक्रामता से स्पेन के साथ पिछले कुछ सालों से खेल रहा है उससे साफ है कि अब फुटबॉल के सारे मानक टूटने वाले हैं।

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