– एडमिट कार्ड लेने पहुंचे तो नहीं मिला एडमिट कार्ड, जमा किये थे कार्ड के लिए रुपये

– ऐन वक्त में माध्यमिक शिक्षा परिषद से संपर्क करने की बात कही, अभिभावकों ने जताया रोष

शाहमीना रोड स्थित राजकीय बालिका इंटर कॉलेज प्रशासन की लापरवाही से 21 छात्राओं का साल बर्बाद हो गया है. यूपी बोर्ड एग्जाम शुरू होने के एक दिन पहले बुधवार को अपना एडमिट कार्ड लेने अभिभावकों संग पहुंचीं छात्राओं को उस समय झटका लगा, जब उनको एडमिट कार्ड देने से साफ तौर पर मना कर दिया गया. अभिभावकों के काफी हंगामा करने पर उनको बताया गया कि बोर्ड की ओर से ही उनका एडमिट कार्ड नहीं जारी किया गया है. अभिभावकों का कहना था कि प्रवेश पत्र के लिए प्रिंसिपल ने 500-500 रुपए भी जमा करा लिए. अब एग्जाम के ऐन वक्त पर कह दिया कि एडमिट कार्ड के लिए सचिव माध्यमिक शिक्षा परिषद से संपर्क करो.

 बोर्ड ने कार्रवाई करने से किया इंकार:-

जीजीआईसी शाहमीना रोड में 78 छात्राओं के दो वर्षीय ऑफलान फॉर्म भरवाए गए थे. लेकिन बोर्ड की ओर से सिर्फ 57 छात्राओं के ही एडमिट कार्ड जारी किए गए. जबकि 21 छात्राओं के रोल न बर ही नहीं दिए गए. एग्जाम के कुछ दिन पहले मामला संज्ञान में आने पर कॉलेज प्रशासन ने डीआईओएस और बोर्ड में बात की. लेकिन बात नहीं बनी. बुधवार को कॉलेज पहुंचे अभिभावकों ने आरोप लगाया कि एडमिट कार्ड जारी कराने के लिए प्रत्येक छात्राओं से 500-500 रुपए लिए गए. ऐसे में छात्राओं का भविष्य अंधकार में हो गया है.

 स्कूल में चल रहा है खेल:-

सूत्रों का कहना है कि स्कूल में नकल माफियाओं के साथ सांठगांठ कर छात्राओं के ाविष्य के साथ खेल किया जा रहा है. स्कूल में इंटरमीडिएट एग्जाम में शामिल होने के लिए 11 का रजिस्ट्रेशन होना अनिवार्य है. पर स्कूल प्रशासन ग्यारहवी में रजिस्ट्रेंशन कराने के साथ ही उसी साल इंटरमीडिएट का प्राइवेट फॉर्म भरवा दिया जाता है. इस तरह एक ही साल में बच्चें को इंटर करा देते हैं. ऑफलाइन रजिस्ट्रेशन होने पर अब तक यह पकड़ में नहीं आता था. लेकिन इस साल से बोर्ड ने ऑनलाइन पंजीकरण शुरू कर दिए. इसमें जब एक ही साल में दो दो पंजीकरण सामने आए तो स्कूल की पोल खुल गई. सूत्रों का कहना है कि ऑनलाइन प्रक्रिया में मामला प्रकाश में आने के बाद बोर्ड ने छात्राओं को एडमिट कार्ड रोक दिया है. उन्हें अगले साल होने वाले बोर्ड एग्जाम में शामिल होने के लिए कहा है.

 ( 57 स्टूडेंट्स के एडमिट कार्ड में गलती :-

21 छात्राओं के एडमिट कार्ड जारी न होने के मामले में कॉलेज की प्रिंसिपल प्रीता शुक्ला ने बोर्ड को ही कठघरे में खड़ा कर दिया. उन्होंने कहा कि जो 57 छात्राओं के एडमिट कार्ड जारी हुए हैं, वो भी गलत है. क्योंकि दो वर्षीय पत्राचार के हिसाब से इन सभी 78 छात्राओं की बोर्ड एग्जाम 2016 में होनी चाहिए थी. मैंने तो फॉर्म भरवाने से पहले ही अभिभावकों से कहा था. लेकिन उन्होंने इस पर ध्यान नहीं दिया. प्रिंसिपल ने एडमिट कार्ड के लिए किसी भी तरह के पैसे लेने के बाद से इंकार किया है.)

” शाहमीना राजकीय इंटर कॉलेज के 22 छात्राओं के एडमिट कोर्ड रोककर परीक्षा से बाहर किया गया है. इनका 11वीं का रजिस्ट्रेशन नहीं था. जिसके बाद बोर्ड ने साफ तौर पर एग्जाम में शामिल होने से मना कर दिया है.” 

– पीसी यादव, डीआईओएस

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