सहारा पर छाए संकट के बादल अभी दूर नहीं हुए हैं। लाखों परिवारों पर रोजी रोटी का संकट गहरा गया है। सुप्रीम कोर्ट ने सहारा समूह के प्रमुख 31_07_2013-SubrataRoy30 की उस अर्जी को खारिज कर दिया। जिसमें उन्होंने मांग की थी कि उन्हें घर में नजरबंद रखा जाए् सुप्रीम कोर्ट ने सुब्रत रॉय को राहत देने से इनकार करते हुए कहा कि अभी रॉय को जेल में ही रहना पड़ेगा। कोर्ट चार मार्च से तिहाड़ जेल में बंद सहारा समूह के मुखिया सुब्रत रॉय की रिहाई के लिए पांच हजार करोड़ रुपये नकद और इतनी ही राशि की बैंक गारंटी देने के आदेश में सुधार के लिए दायर याचिका पर सुनवाई कर रहा थाण् न्यायमूर्ति तीरथ सिंह ठाकुर और न्यायमूर्ति एके सीकरी की खंडपीठ ने सुब्रत की रिहाई के लिए नई याचिका पर 29 मई को सहारा समूह और बाजार नियामक सेबी के वकीलों की दलीलें सुनने के बाद कहा था कि इस पर आदेश बाद में सुनाया जाएगा।
इस बीच कोर्ट ने सहारा समूह को विदेशों में स्थित अपने तीन होटलों की भागीदारी बेचकर धन की व्यवस्था करने के लिए देनदार बैंक ऑफ चाइना से संपर्क करने की अनुमति भी दे दी थी। सहारा ने अपने नए प्रस्ताव में कहा है कि वह तीन हजार करोड़ रुपये पांच दिन के भीतर और इसके बाद दो हजार करोड़ रुपये अगले 30 दिन में जमा कराएगा। समूह ने कहा है कि लंदन स्थित एक होटल और न्यूयॉर्क स्थित दो होटलों में अपनी भागीदारी बेचने के बाद 60 दिन के भीतर शेष पांच हजार करोड़ रुपये की बैंक गारंटी दे देगा। न्यायालय ने कहा था कि सहारा समूह बैंक ऑफ चाइना से पत्र व्यवहार करेगा जिसने विदेशों में होटलों में भागीदारी खरीदने के लिए धन उपलब्ध कराया थाण् सहारा को इस पत्र व्यवहार के बारे में एक सप्ताह के भीतर हलफनामा दाखिल करने का निर्देश न्यायालय ने दिया थाण् न्यायालय ने यह भी कहा था कि वह सहारा समूह को धन की व्यवस्था करने के लिए भारत में नौ संपत्तियों की बिक्री और एंबी वैली में कुछ संपत्तियां गिरवी रखने की भी अनुमति दे रहा है।

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