सहारा प्रमुख sahara अंतरिम जमानत पर रिहाई के अनुरोध पर शुक्रवार को सुप्रीम कोर्ट ने सुनवाई पूरी कर ली और अब अपना आदेश बाद में सुनायेगा. सुनवाई के दौरान राय ने कोर्ट से ‘रहम’ दिखाने और जेल से बाहर निकलने की छूट देने का अनुरोध किया, ताकि नियमित जमानत के लिए दस हजार करोड़ रुपये सेबी के पास जमा कराने के लिए वह जेल से बाहर आकर संपत्तियां की बिक्री कर सकें.

न्यायमूर्ति तीरथ सिंह ठाकुर की अध्यक्षता वाली खंडपीठ के समक्ष राय की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता राजीव धवन ने कहा, ‘इस मामले में अब हमें रहम की जरूरत है. वह अब तक कई महीने जेल में बिता चुके हैं और उनकी रिहाई संपत्तियों की बिक्री के लिए बातचीत के अवसर बढ़ायेगी.’

7000 करोड़ रुपये का है कर बकाया

इस बीच, सहारा समूह की परेशानियां उस वक्त और बढ़ गयीं, जब कोर्ट ने समूह के खिलाफ की गयी कार्रवाई और प्रस्तावित कार्रवाई के बारे में आय कर विभाग को दो सप्ताह में हलफनामा दाखिल करने का निर्देश दिया. आय कर विभाग ने न्यायालय में दावा किया था कि कंपनी पर सात हजार करोड़ रुपये का कर बकाया है.

न्यायाधीशों ने अपने आदेश में कहा कि दो कंपनियों के खिलाफ आयकर कर निर्धारण के विवरण के साथ दो सप्ताह में अतिरिक्त हलफनामा दाखिल करने की अनुमति दी जाती है. इसमें स्पष्ट किया जाये कि अब तक क्या कार्रवाई की गयी और अब क्या करना प्रस्तावित है. आय कर विभाग को इस संबंध में लंबित मामले का विवरण भी देना है.

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