babri masjidएक खबरिया पोर्टल ने
अपने दो साल के स्टिंग ऑपरेशन के आधार पर शुक्रवार को दावा किया कि 1992 में बाबरी मस्जिद विध्वंस हिंदू संगठनों की भीड़ के उन्माद का नतीजा नहीं बल्कि उनकी सुनियोजित साजिश का नतीजा था। ष्कोबरा पोस्टष् के संपादक अनिरुद्ध बहल ने यहां प्रेस कांफ्रेंस में रिकॉर्डेड साक्षात्कार के वीडियो दिखाए जिसमें भाजपाए विश्व हिंदू पषिद और शिवसेना के कुछ नेताओं ने दावा किया कि पूरी रणनीति के साथ इस अभियान को अंजाम दिया गया और संबंधित व्यक्तियों ;कारसेवकोंद्ध को इसके लिए सघन प्रशिक्षण दिया गया और उनका छद्म अभ्यास कराया गया। कोबरा पोस्ट ने जिन लोगों का साक्षात्कार किया उनमें भाजपा नेता उमा भारतीए कल्याण सिंह और विनय कटियार शामिल हैं। इन नेताओं ने विध्वंस से पहले के घटनाक्रम के बारे में बताया। बहल ने भाजपा के इस आरोप का खंडन किया कि स्टिंग आपरेशन चुनाव में ध्रुवीकरण के मकसद से कांग्रेस की शह पर सार्वजनिक किया जा रहा है। जब उनसे भाजपा की इस मांग के बारे में पूछा गया कि चुनाव आयोग इस स्टिंग आपरेशन के प्रसारण और प्रकाशन पर रोक लगाएए उन्होंने कहा कि हमें इस संबंध में चुनाव आयोग से कोई सूचना नहीं मिली है। बहल ने कहा कि हमारा रुख है कि ऐसा करना मीडिया की जिम्मेदारी है। हम चुनाव नहीं लड़ रहे। हमारा लक्ष्य सच्चाई सामने लाना है और हमने यही दिखाया है। सच्चाई कुछ लोगों के लिए कड़वी होती है। हमसे जो भी प्राधिकार टेप मांगेगाए हम उसे देंगे। उन्होंने बताया कि ष्आपरेशन जन्मभूमिष् कोड नाम वाला यह पूरा कार्यक्रम 23 नेताओं के साक्षात्कार पर आधारित है जो इस विध्वंस के सिलसिले में कथित रूप से सबसे आगे थे। इस विध्वंस के लिए दो हिंदू संगठनों.विहिप और शिवसेना के स्तर पर साजिश रची गई थी लेकिन संयुक्त रूप से नहीं।
पोर्टल के अनुसार कबूलनामे में इस विध्वंस के लिए गोपनीय तरीके से योजना बनाने के सिलसिले में भाजपा नेताओं.लालकृष्ण आडवाणीए मुरली मनोहर जोशीए उमा भारती और अन्य के नाम लिए गए। टेप में दावा किया गया है कि उत्तर प्रदेश के तत्कालीन मुख्यमंत्री कल्याण सिंह और पूर्व प्रधानमंत्री पीवी नरसिंह राव को भी पता था कि विवादित ढांचे का विध्वंस होने वाला है।

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