कौन कहता है कि साम्प्रदायिकता से डरने की जरूरत है । इतिहास गवाह है कि bist ji । जिसे जितना चाहो, जब चाहो, अपनी सुविधानुसार दुह सकते हो । मायावती हों या फिर मुलायम, नितिश सभी इसका दूधपान कर सत्ता का सुख भोग चुके हैं । सिर्फ कांग्रेस ऐसी है जो इसके दूध के खतरों को गिना कर, सभी में दहशत पैदा कर सत्ता में काबिज होती रही है । इस बार भी उसे यही उम्मीद है । इंतजार है बस 140 सीटों का ।फिर मचाऐगी साम्प्रदायिकता का शोर । लेकिन लगता है दूधपान का लाभ उठा चुके बहुत से सयाने इस बार एंटीबायटिक कैप्सूल जेब में रखे सही समय का इंतजार कर रहे हैं फिर लाख चिल्लाती रहे कांग्रेस कि इसका दूध जहरीला है, दूर भागो ।

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