First session of 16th Lok Sabhaताई के नाम से विख्यात भाजपा नेता सुमित्रा महाजन 16वीं लोकसभा की अध्यक्ष होंगी। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी सहित सभी पार्टियों के वरिष्ठ नेताओं ने उनके नाम का प्रस्ताव किया है। लोकसभा में कांग्रेस के नेता मल्लिकार्जुन खडगे, अन्नाद्रमुक नेता एम थंबीदुरई, तृणमूल कांग्रेस के सुदीप बंदोपाध्याय, बीजद के बी महताब, सपा के मुलायम सिंह यादव, जद-एस के एचडी देवगौडा, राकांपा की सुप्रिया सुले, माकपा के मोहम्मद सलीम और टीआरएस के जितेन्द्र रेडडी सुमित्रा महाजन के नाम का प्रस्ताव करने वाले 19 लोगों में शामिल हैं।
72 वर्षीय सुमित्रा महाजन आठ बार से लोकसभा सांसद हैं। वह इंदौर से चुनकर आती हैं। वह सदन के सभापति के पैनल में लंबे समय तक कार्य कर चुकी हैं। प्रधानमंत्री के अलावा जिन अन्य भाजपा नेताओं ने उनके नाम का प्रस्ताव किया, उनमें राजनाथ सिंह और सुषमा स्वराज शामिल हैं। प्रधानमंत्री की ओर से पेश प्रस्ताव का अनुमोदन भाजपा नेता लालकृष्ण आडवाणी ने किया। राजनाथ सिंह के प्रस्ताव का अनुमोदन संसदीय कार्य राज्य मंत्री संतोष गंगवार ने किया। सुषमा के प्रस्ताव का अनुमोदन भाजपा नेता गिरिराज सिंह ने किया। सत्ताधारी राजग में सुमित्रा के नाम का प्रस्ताव करने वाले अन्य नेताओं में लोजपा के राम विलास पासवान, शिवसेना के अनंत गीते, तेदेपा के टी नरसिम्हम और शिरोमणि अकाली दल की हरसिमरत कौर बादल शामिल हैं। सुमित्रा महाजन को प्यार से ‘ताई’ बुलाते हैं और वह अपने सहृदय स्वभाव के लिए जानी जाती हैं। हर दल में उनके मित्र और प्रशंसक हैं। दो दिन पहले अन्नाद्रमुक प्रमुख तमिलनाडु की मुख्यमंत्री जे जयललिता की प्रधानमंत्री के साथ लंबी चली बैठक के बाद से ही उपाध्यक्ष पद के लिए अन्नाद्रमुक के एम थंबीदुरै का नाम चर्चा में है। अन्नाद्रमुक ने हाल ही में थंबीदुरै को संसदीय दल का नेता बनाया है। पिछली लोकसभा में भी वह संसदीय दल के नेता थे। थंबीदुरै करूर लोकसभा सीट से प्रतिनिधि हैं और 1985 से 1989 के बीच वह लोकसभा के उपाध्यक्ष रह चुके हैं। भाजपा के नेतृत्व वाले राजग का राज्यसभा में बहुमत नहीं है। उसे अन्य दलों का समर्थन चाहिए होगा और इसके लिए अन्नाद्रमुक अच्छा सहयोगी साबित हो सकती है। अन्नाद्रमुक के उच्च सदन में 10 सदस्य हैं। इस बारे में हालांकि न तो भाजपा और न ही अन्नाद्रमुक की ओर से औपचारिक रूप से कुछ कहा गया है। राज्यसभा में 245 सदस्य हैं, जिनमें से भाजपा के केवल 42, शिवसेना के तीन, शिरोमणि अकाली दल के तीन और तेदेपा के छह सदस्य हैं। आरपीआई-ए का केवल एक सदस्य है।

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