मानसून के कमजोर रहने की आशंका जताए जाने के बीच राज्यों में सूखे की संभावित स्थिति से निपटने के लिए केन्द्र ने विभिन्न कार्यक्रमों के जरिए कार्रवाई तेज कर दी है। अधिकारियों ने बताया कि rural-inner_03में एक निगरानी प्रकोष्ठ बनाया गया है जो महत्वाकांक्षी ग्रामीण रोजगार योजना के तहत राज्यों की संभावित सूखे से निपटने की तैयारियों पर निगाह रखेगा। राज्यों को निर्देश दिया गया है कि वे अगले तीन महीने तक मनरेगा के तहत लिए गए कार्याें के बारे में पाक्षिक आधार पर रिपोर्ट भेजे ताकि कमजोर मानसून के मद्देनजर संभावित सूखे के प्रतिकूल प्रभावों को कम किया जा सके।
मंत्रालय ने कहा कि मनरेगा के तहत राज्य पारंपरिक जलाशयों की मरम्मत का कार्य कर सकते हैं। इसमें सिंचाई सरोवरों एवं अन्य जलाशयों की गाद साफ करना, जल संरक्षण एवं वर्षा जल संचयन ढांचों का काम शामिल है। केन्द्र के यह निर्देश इन खबरों के बीच आए हैं कि देश के विभिन्न हिस्सों में पर्याप्त वर्षा नहीं होने के कारण पानी की भारी किल्लत है।

कोई जवाब दें

कृपया अपनी टिप्पणी दर्ज करें!
कृपया अपना नाम यहाँ दर्ज करें

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.