लखनऊ। कोरोना के चलते उत्तर प्रदेश के विभिन्न जिलों में रहने वाले मजदूर मुंबई के विभिन्न इलाकों में फंस गए थे। ऐसे 847 मजदूरों को नासिक से लखनऊ तक श्रमिक स्पेशल ट्रेन से लाया जा रहा है।लॉकडाउन के दौरान फंसे प्रवासी मजदूरों को घर पहुंचाने के लिए रेलवे ने नासिक से शनिवार को श्रमिक स्पेशल ट्रेन रवाना किया है। यह स्पेशल ट्रेन लखनऊ के चारबाग स्टेशन पर रविवार सुबह पहुंचेगी। यहां से जिलों के हिसाब से बसों को लगाकर उनको आगे भेजा जाएगा। कुल 17 डिब्बों वाली इस ट्रेन में 847 प्रवासी मजदूर सवार हैं। इनमें पांच साल से कम उम्र के 11 बच्चे भी शामिल हैं। यह ट्रेन शनिवार सुबह 10:22 बजे चली है। ट्रेन रविवार सुबह पांच बजे से छह बजे के बीच चारबाग रेलवे स्टेशन पर पहुंचेगी। करीब 42 दिन बाद चारबाग स्टेशन पर कोई यात्री ट्रेन आएगी। आखिरी बार 22 मार्च को यहां ट्रेन आई थी। वहीं लखनऊ के ऐशबाग स्टेशन से 23 मार्च को सुबह आखिरी ट्रेन गुजरी थी। श्रमिक स्पेशल ट्रेन मजदूरों को लेकर यहां पहुंचे इससे पहले उन मजदूरों की स्क्रीनिंग से लेकर सोशल डिस्टेंसिंग और स्टेशन को सैनिटाइज करने से लेकर यात्रियों को उनके घर तक बसों से भेजने की सरकार ने व्यवस्था की है।
स्क्रीनिंग से पहले श्रमिकों को किया जायेगा सेनेटाइज
श्रमिक स्पेशल ट्रेन जब चारबाग रेलवे स्टेशन पहुंचेगी तो यहां पर मजदूरों को एक साथ ट्रेन से उतारने के बजाय एक एक कोच ओपन कर उतारा जाएगा। जिस कोच से मजदूरों को निकाला जाएगा उस कोच का एक ही दरवाजा खोला जाएगा दूसरी तरफ का दरवाजा इसलिए नहीं खोला जाएगा कि कहीं स्क्रीनिंग से बचकर कोई मजदूर दूसरे रास्ते से बाहर न निकल जाए। इसके अलावा स्टेशन पर स्क्रीनिंग की पूरी व्यवस्था की जा रही है। शनिवार को ही यहां पर एक डेस्क लगा दी गई है जिस पर सैनिटाइजर के साथ में कोरोनावायरस से बचाव के अन्य उपकरण रखे गए हैं। यात्री ट्रेन से उतरेंगे तो स्क्रीनिंग से पहले उन्हें सैनिटाइजर से सैनिटाइज किया जाएगा। उसके बाद स्क्रीनिंग होगी।
मॉस्क देकर बसों से रवाना किये जायेंगे श्रमिक
पहले इस ट्रेन को शुक्रवार रात रवाना होना था, लेकिन नासिक से दो और ट्रेनों को पहले भेजा गया था। इस ट्रेन में केवल उन्हीं लोगों को बैठाया गया है, जो पूरी तरह से स्वस्थ हैं। सभी यात्रियों की स्कैनिंग की गई है। लोगों को ट्रेन में बिठाते समय शारीरिक दूरी का भी पूरा ध्यान रखा गया है। चारबाग पहुँचने पर यात्रियों को एक-एक मास्क भी यहां पर दिया जाएगा। सिविल पुलिस के साथ ही यातायात पुलिस, जीआरपी और आरपीएफ के जवान भारी संख्या में यहां तैनात किए गए हैं। शनिवार को जिला प्रशासन और पुलिस प्रशासन के आला अधिकारियों ने चारबाग रेलवे स्टेशन का बारीकी से निरीक्षण किया और यहां पर सभी व्यवस्थाएं दुरुस्त कराने के निर्देश भी दिए। यहां पर स्क्रीनिंग के बाद दो गेट से यात्री बाहर निकाले जाएंगे और यहां पर सर्कुलेटिंग एरिया में रोडवेज बसें खड़ी होंगी, जिनसे जिस जिले से जो मजदूर संबंधित होंगे उस जिले के लिए रवाना कर दिए जाएंगे। यहां पर तकरीबन 100 बसें लगाई जाएंगी।
कुर्सियों से लेकर फर्श और पटरी तक की गई सेनेटाइज
शनिवार को रेलवे स्टेशन के प्लेटफार्म संख्या एक को जिस पर यह श्रमिक स्पेशल ट्रेन रविवार को पहुंचेगी, इसका सैनिटाइजेशन कराया गया। कुर्सियों से लेकर फर्श और अन्य जो छूने वाली वस्तुएं हैं उन्हें सैनिटाइज किया गया। पटरी को भी सैनिटाइज किया गया वहीं अभी तक जो प्लेटफार्म नंबर एक पर आइसोलेशन कोच वाली स्पेशल ट्रेन खड़ी थी उसे यार्ड में शिफ्ट कर दिया गया। इसके अलावा सोशल डिस्टेंसिंग मेंटेन रहे, इसके लिए सर्किल बना दिए गए हैं। ट्रेन से उतरने के बाद एक-एक करके यात्री सर्किल में खड़े होंगे और स्क्रीनिंग कराने के बाद सर्कुलेटिंग एरिया की तरफ भेजे जाएंगे। रविवार को पीपीई किट के साथ स्वास्थ्य विभाग की टीम और नगर निगम की टीम भी यहां पर मौजूद रहेगी। शनिवार को ज्यादातर तैयारियां पूरी कर ली गई हैं।
शारीरिक दूरी का भी रहेगा पूरा ध्यान
ट्रेन सुबह चारबाग स्टेशन के प्लेटफॉर्म एक पर पहुंचेगी। यहां आरपीएफ और जीआरपी शारीरिक दूरी के हिसाब से मजदूरों को बाहर निकालेंगे। सभी कोच एक साथ नहीं खोले जाएंगे, जिन जिलों की बसें लगेंगी उस बोगी में बैठे श्रमिक बाहर निकलेंगे। केवल एक गेट को खोला जाएगा।
17 रूटों के 38 जिलों को जाएंगी बसें
स्पेशल ट्रेनों से आने वाले प्रवासियों के लिए 17 रूटों पर परिवहन निगम बसों की व्यवस्था करेगा। करीब 30 जिले बस से कवर होंगे जहां पर मजदूरों को छोडा जाएगा हालांकि इनमें अधिकतर बहराइच, श्रावस्ती और सिद्धार्थनगर के रहने वाले हैं। सभी की थर्मल स्क्रीनिंग होगी। हर बस में एक होमगार्ड और एक यूपी पुलिस के सिपाही को भी भेजा जाएगा। स्पेशल ट्रेन लखनऊ पहुंचने के बाद इसका खाली रैक मध्य रेलवे को वापस भेज दिया जाएगा।
परिवहन निगम ने 15 बसें की रिजर्व
परिवहन विभाग ने प्रवासी मजदूरो को उनके घरों तक सुरक्षित पहुंचाने के लिए कुल 50 बसों का इंतजाम किया हैै परिवहन विभाग के एमडी राजशेखर के मुताबिक प्रशासन ने उनसे करीब 35 बसों की मांग की थीीलेकिन रोडवेज 15 अतिरिक्त बसें तैयार रखेगात्र इस बाबत अधिकारियों को दिशा निर्देश जारी कर दिए गए हैं, सभी इंतजाम देर रात तक दुरस्‍त कर लिए गए हैं।
बसाेें को किया गया सैनीटाइज
परिवहन विभाग के प्रबंधक राजशेखर के मुताबिक यात्री के दौरान किस तरह का संक्रमण नहीं फैले इसके लिए पर्याप्त इंतजाम है, सभी बसों काेे पूरी तरह सैनीटाइज किया जा रहा है, बसों में शारीरिक दूरी का पूरी तरह पालन कराया जाएगा, प्रत्येक यात्री को मॉस्क दिया जाएगा। सामाजिक दूरी का भी खास ख्याल रखा जायेगा।

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