liquor_apतिरुवनंतपुरम। केरल के मुख्यमंत्री ओमन चांडी ने शुक्रवार को कहा कि प्रदेश की नई शराब नीति 26 अगस्त को उच्च न्यायालय में प्रस्तुत की जाएगी। यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट (यूडीएफ) ने गुरुवार को इसकी अनुशंसा की थी, जिसके बाद सरकार ने इसे अंतिम रूप दे दिया। इसके कुछ ही घंटे पहले मुख्यमंत्री ने घोषणा की थी कि केरल शराब मुक्त राज्य बनने की ओर अग्रसर है।
चांडी ने कहा कि इसमें हमारी कोई गुप्त मंशा नहीं है और केरल को शराब मुक्त राज्य बनाने की योजना कोई राजनीतिक हथकंडा नहीं है। यूडीएफ ने गुरुवार को राज्य की शराब नीति को मंजूरी दी थी, जिसके अनुसार, अगले वित्त वर्ष से केवल पांच सितारा होटलों में ही शराब परोसी जाएगी।
चांडी ने कहा कि हमने इस बारे में कानूनी राय ली है। राज्य के 312 बार कभी भी बंद हो सकते हैं। उन्हें बंद करने के लिए अब हमें इस वित्त वर्ष के समाप्त होने तक इंतजार करने की जरूरत नहीं है। सभी 312 बारों को लगभग 45 करोड़ रुपये की राशि चुकाई जाएगी और यह प्रक्रिया पूरी होने के बाद उन्हें बंद कर दिया जाएगा।

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