laxmikant-sharma-539db7d90e9f2_exlमध्य प्रदेश में वैसे भी बाबुओं और अफसरों की कमाई के कई नायाब नमूने सामने आ चुके हैं। बाबुओं के घर से छापे के दौरान करोड़ों की नकदी मिली वहीं कई बेनामी सम्पत्तियों का खुलासा हुआ है। फिलहाल इन दिनों व्यापम ने बड़ों बड़ों की नींदें उड़ा रखी हैं।
मध्य प्रदेश में हुए व्यापम घोटाले में अब आरएसएस के नेताओं के नाम भी सामने आने लगे हैं। ये बयान इस मामले में गिरफ्तार व्यापम के पूर्व परीक्षा नियंत्रक पंकज त्रिवेदी ने एसटीएफ को बयान दिया है कि एमपी के पूर्व मंत्री लक्ष्मीकांत शर्मा ने दिवंगत आरएसएस प्रमुख एस सुदर्शन के कहने पर उनके एक सहयोगी की सिफारिश की थी मध्य प्रदेश के पूर्व मंत्री लक्ष्मीकांत शर्मा ने आरएसएस के पूर्व प्रमुख दिवंगत के एस सुदर्शन के कहने पर उनके सहयोगी मिहिर कुमार की सिफ ारिश नाप तौल इंस्पेक्टर या फूड इंस्पेक्टर के पद की भर्ती मे हुई परीक्षा के लिए की थी।
व्यापम के पूर्व परीक्षा नियंत्रक पंकज त्रिवेदी ने भी संघ नेताओं के नाम लिये हैं। पंकज त्रिवेदी ने कहा है कि मिहिर को सुरेश सोनी का आदमी बताकर भर्ती करवाई गई।
अपने बयान में कहा है कि मिहिर को सोनी जी का आदमी बता कर भर्ती करवाई गयी थी सोनी जी संघ के सुरेश सोनी है मिहिर को एसटीएफ इस मामले मे गिरफ्तार कर जमानत पर रिहा कर चुकी है मिहिर बिहार का रहने वाला है और लम्बे समय तक सुदर्शन के स्टाफ में रहा है। लक्ष्मीकांत को फूड इंस्पेक्टर भर्ती घोटाले मे गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। मगर ये बयान बता रहे हैं कि किस तरह से संघ के नेताओं की सिफारिश पर एमपी में नौकरियों की बन्दरबांट की गई।
मध्य प्रदेश का भर्ती घोटाला दरअसल दो हिस्सों में बंटा हुआ है। पहला तो ये कि मेडिकल व इंजीनियरिंग जैसी प्रवेश परीक्षाओं में धांधली हुई वहीं दूसरा सरकारी नौकरियों के लिए हुई परीक्षाओं में भी गड़बड़ी करके नाकाबिल लोगों को नौकरी दी गई पूर्व मंत्री लक्ष्मीकांत शर्मा को फि लहाल शिक्षकों की भर्ती के लिए हुई परीक्षा में फर्जीवाड़े के आरोप में गिरफ्तार किया गया लेकिन इस बार का चुनाव हार चुके शर्मा पर मेडिकल और इंजीनियरिंग की प्रवेश परीक्षाओं के फर्जीवाड़े का भी आरोप है।

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