हैदराबाद।  चुनाव आयोग मतदाता सूचियों को आधार संख्या से जोडऩे के लिए एक मार्च से अभियान शुरू करेगा जिसका उद्देश्य फर्जी मतदाताओं को रोकना और एक विश्वसनीय डाटाबेस तैयार करना है। मुख्य चुनाव आयुक्त एच एस ब्रह्मा ने आज यहां संवाददाताओं से कहा कि सभी 676 जिलों में यह ‘मतदाता सूची शुद्धिकरण और सत्यापन अभियानÓ (ईआरपीएडी) इस साल 15 अगस्त तक पूरा करने का प्रस्ताव है। उन्होंने यहां मतदाता सूचियों के साथ आधार को जोडऩे पर एक कार्यशाला का उद्घाटन करने के बाद कहा कि शत प्रतिशत पक्का विचार राष्ट्रीय मतदाता सूची का डाटाबेस तैयार करने का है। सीईसी ने लोगों से इस साल 25 जनवरी को शुरू हुए राष्ट्रीय मतदाता सेवा पोर्टल (एनवीएसपी) पर आधार संख्या दर्ज करने की अपील की। ऑनलाइन मतदान शुरू करने की किसी तरह की संभावना के बारे में पूछे जाने पर उन्होंने कहा कि इसके लिए संविधान संशोधन की जरूरत होगी और ऑनलाइन मतदान की अनुकूलता पर विचार बंटे हुए हैं। उन्होंने कहा कि राजनीतिक दल अब भी मानते हैं कि हमें भारतीय मशीनों के साथ ही चलना होगा। ब्रह्मा ने कहा कि 2006 से पहले की आठ लाख पुरानी इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीनों को चरणबद्ध तरीके से हटाया जाएगा।
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