संयुक्त राष्ट्र : भारत ने जोर दिया है कि गरीबी उन्मूलन, विकास को बढ़ावा देने, वित्तीय मदद और पर्यावरण संरक्षण में सूचना और संचार तकनीक :आईसीटी: की भूमिका नजरंदाज नहीं की जा सकती। संयुक्त राष्ट्र में भारत के स्थाई प्रतिनिधि अशोक मुखर्जी ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय समुदाय को इस पर जरूर ध्यान केन्द्रित करना चाहिए कि बढ़ती डिजिटल और लैंगिक खाई कैसे कम की जा सकती है। इसलिए, आईसीटी विकास को गति देने में सच्ची भूमिका निभा सकता है।
मुखर्जी ‘वल्र्ड समिट ऑन द इनफॉरमेशन सोसाइटी :डब्लूएसआईएस: के निष्कर्षों के क्रियान्वयन पर संपूर्ण समीक्षा के लिए कल यहां महासभा के एक सत्र में बोल रहे थे। उन्होंने कहा, ”गरीबी उन्मूलन, विकास, वित्तीय मदद और पर्यावरण संरक्षण की दिशा में सूचना और संचार तकनीक :आईसीटी: की भूमिका नजरंदाज नहीं की जा सकती। मुखर्जी ने कहा कि सत्र विश्व निकाय के लिए महत्वपूर्ण समय पर हुआ है क्योंकि सहस्राब्दि विकास लक्ष्य और 2015 पश्चात विकास एजेंडा का विस्तार हो रहा है।

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