जगत शर्मा की एक रिपोर्ट11
मुकावला कांग्रेस और भाजपा के बीच
दतिया। 16वीं लेाकसभा के लिये हो रहे चरणवद्ध मतदान के अर्तगत भिण्ड दतिया लोकसभा सीट से अपना भाग्य आजमा रहे विभिन्न दलों के उम्मीदवारों का भाग्य अब इव्हीएम मषीन में कैद हो चुका है जो कि 16 मई को ही सबके सामने आयेगा। लेकिन अटकलों का बाजार अभी से गर्म है जिसके हिसाब से चुनावी पंडित मुख्य मुकावला कांग्रेस और भाजपा में ही मानकर चल रहे है। विषेशज्ञो की माने तो लोकसभा सीट पर तमाम दलों के उम्मीदवार अपनी किस्मत आजम रहे है लेकिन उनमें मुख्य रूप् से कांग्रेस और भाजपा ही मुकावला करेगी जिसमें भी कहीं भाजपा का पलडा भारी दिखता है तो कहीं कांग्रेस भी भारी पड रही है। वही कही कही बसपा को भी समर्थन मिलने की उम्मीद है। वहारहाल जो अगला सांसद होगा वह भाजपा और कांग्रेस में से ही मिलने वाला है।
भाजपा की ताकत उसका संगठन और कार्यकर्ता
लोकसभा चुनाव प्रचार के दौरान भाजपा का संगठन हर मामले में अन्य दलों से मजबूत और उत्साही नजर आया जिसके कारण भाजपा कार्यकर्ता पूरी लोकसभा क्षेत्र में आने वाले प्रत्येक मतदाता और घर घर पहुंचे भाजपा संगठन को मजबूती और कसाव देने में सबसे ज्यादा योगदान प्रदेष के स्वास्थ्य मंत्री नरोत्तम मिश्रा और लोकसभा प्रभारी अबधेष नायक का रहा जहां एक ओर डॉ नरोत्तम मिश्रा ने प्रचार योजना और मतदाताओं तक कार्यकर्ता कां पहुंचाने की व्यूह रचना की तो वही अवधेष नायक ने कार्यकर्ताओं को प्रत्येक योजना के अनुसार ढालने का काम किया। मतदान की तारीख पास आते ही डॉ मिश्रा ने निरंतर कार्यकर्ताओं की बैठक ली और 14 अप्रेल को एक प्रभावषाली आमसभा के द्वारा कार्यकर्ता के साथ ही पूरे क्षेत्र में भाजपा के पक्ष में माहौल बनाने का प्रयास किया वैसे भी आजकल डॉ मिश्रा पारस की तरह है जिसके कारण ही पिछले दिनों में भाजपा प्रत्यासी भागीरथ प्रसाद से लेकर पेर्व विधायक राधेलाल बघेल कालीचरण कुषवाह,लायक सिंह,कुमुम त्रिपाठी,बृजेन्द्र सिंह परमार,और कई अन्य दलों के नेता भाजपा में षामिल हुऐ है इनके अलावा जिला पंचायत उपाध्यक्ष कमलेष उर्फ मुन्नी गतवार का निश्कासन भी खत्म हुआ है। दतिया विधानसभा क्षेत्र में प्रषांत ढेगुला महामंत्री विपिन गोस्वामी,और अषोक सिजारिया गुड्डी साहू के साथ ही अन्य दायित्व वान कार्यकर्ताओं की मेहनत का परिणाम है कि भाजपा कार्यकर्ता घर घर पहुचें जिले की सेवढा विधानसभा में पूरी जिम्मेदारी स्वय लेकर वहा के विधायक प्रदीप अग्रवाल ने न सिर्फ अपनी विधानसभा के गांव गांव और प्रत्येक वोटर तक पहुंच बनाई बल्कि उनके साथ घुलमिल कर भाजपा के पक्ष में बातावरण बनाने की कोषिष की। जहां तक भाण्डेर विधानसभा का सवाल है तो वहां भी भाण्डेर मण्डल अध्यक्ष और विधायक पिरौनिया ने साथ मिलकर पूरे क्षेत्र के कार्यकर्ताओं को पार्टी के प्रति मतदान कराने के लिये उत्साहित किया और उनके साथ काम किया। इस सबके बाद भी भाजपा के कुछ पूर्व जिलाध्यक्षों ने अपनी उदासीनता भी दिखाई । जिसके कारण कुछ भाजपा के बरिश्ठ नेताओं की नाराजगी की अफवाहे भी हवा में उढती रही जो कि भाजपा का नकारात्मक पहलू रहा।
कंाग्रेस के पास है इमरती देवी का स्वच्छ चेहरा
भाजपा के मुकावले कांग्रेस के पास कार्यकर्ता कम है लेकिन नेता सर्वाधिक है। बस इन्ही कार्यकर्ताओं की कमी अभी कुछ महीनों पहले सम्पनन हुऐ विधानसभा चुनाव में भी ेदखी गई थी और अब लोकसभा चुनाव में भी दिखाई दी। इसके अलावा गुटवाजी भी कांग्रेस की कमजोरी रही है। जिसके चलते पार्टी जमीनी स्तर पर एकजुट नहीं दिख पाई। लेकिन इस सब के बाद भी कांग्रेस प्रत्यासी के रूप् में मतदाताओं के समक्ष डवरा विधायक इमरती देवी की छवि साफ होने और पहले से ही जनता में पहचान होना उनकी ताकत है। चुनाव प्रचार के दौरान उन्होने खूब मेहनत भी की और जनसंपर्क भी किये गये। उनके प्रचार के लिये कई राश्टीय स्तर के नेताओं का डेरा दतिया भिण्ड में डला रहा। वही दतिया के पूर्व विधायक राजेन्द्र भारती,घनष्याम सिंह के साथ ही भाण्डेर में अरूण भारती और दतिया सेवढा में चद्रभूशण पटैरिया,अन्नू पठान,महेष गुलवानी भानु ठाकुर जीतेन्द्र पठारी,प्रभाप्रकाष अहिरवार,प्रदीप गुर्जर आन्नद षर्मा,अनूप पाठक, जैसे बहुत से पार्टी नेताओं के खूब मेहनत की इन नेताओं और कुछ अभी भी बचे कायकर्ताओं की मेहनत का परिणाम ही है। जिसके कारण ही मुख्य मुकावला भाजपा और कांग्रेस के मध्य होने की पूरी संभवना है।
अन्य दलों के पम्पलेट तक नहीं पहुचे मतदाताओं तक
कांग्रेस भाजपा और कुछ हद तक बसपा की बात छोडं दी जाये तो अन्य दलों के प्रत्यासी और कार्यकर्ताओं को तो छोडिये उनके पम्पलेट तक मतदाताओं तक नही पहुंचे। वही चुनाव प्रचार के बीच मे ही जहां बसपा के प्रत्यासी मनीशकुमार कतरौलिया को तब झटका लगा जब उनकी पार्टी के सेवढा और दतिया में विधानसभा प्रत्यासी रहे पूर्व विधायक राधेलाल बघेल और कालीचरण कुषवाह पाला वदल कर भाजपाई बन गये तो वही सपा प्रत्यासी अनीता चौधरी और भिण्ड के पार्टी जिलाध्यक्ष के बीच कलह फेल गया जो कि मतदान के दिन तक भी नहीं सुलझा। इनके अलावा आप पार्टी की श्रीमति कृश्णा महौविया और बसंद से प्रत्येक चुनाव लडने वाले फूलसिंह बरैया ही प्रमुख है।

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