प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की ओर से श्रीरामजन्मभूमि मंदिर के भूमिपूजन के प्रस्तावित कार्यक्रम को लेकर प्रशासनिक व पुलिस अमला बेहद सतर्क हो गया है। अयोध्या में बाहरी व्यक्तियों के प्रवेश पर तीन अगस्त से पाबंदी लगा दी गई है। पहचान पत्र  के अभाव में  किसी को भी प्रवेश की इजाजत नहीं होगी।

प्रशासनिक व पुलिस अफसरों की और से तैयार किया जा रहा सुरक्षा खाका बेहद सख्त है। फिलहाल कोविड -19 की वजह से श्रावणी पूर्णिमा पर्व यानी तीन अगस्त से किसी भी बाहरी श्रद्धालु, व्यक्ति, समूह या फिर आमजन को अयोध्या में प्रवेश की अनुमति नहीं दी जाएगी। सभी बैरियरों पर सुरक्षा घेरा बेहद सख्त है लेकिन प्रशासनिक व पुलिस अफसरों की ओर से तैयार किए गए सुरक्षा व्यवस्था के अनुसार यह प्रतिबंध श्रावणी पूर्णिमा पर्व तक ही नहीं वरन आगे भी चार व पांच अगस्त को लागू रहेगा।

पुलिस सूत्रों की मानें तो ऐहतियात के तौर पर जो व्यवस्था की गई है उसके मद्देनजर तीन अगस्त के बाद प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के प्रस्तावित कार्यक्रम के दृष्टिगत अयोध्या में बाहरी व्यक्तियों का प्रवेश प्रतिबंधित रहेगा। यही वजह है कि अभी से सभी बैरियर, मोर्चों व बार्डर चौकियों पर पुलिस फोर्स की तैनाती कर दी गई है। बाहरी वाहनों व रोडवेज बसों की भी चेकिंग की जा रही है। यात्रियों के परिचय पत्र भी देखे जा रहे हैं। सख्ती का अंदाजा इस बात से भी लगाया जा सकता है कि अयोध्या सिटी सर्किल में भी प्रवेश करने वालों की जांच अभी से हो रही है।

आधार कार्ड जैसे सरकारी पहचान पत्र व दस्तावेज देखे जा रहे हैं। संदग्धिों की तलाश में होटल, धर्मशाला जैसे सार्वजनिक स्थलों पर भी गोपनीय जांच जारी है। बाहर से आकर जिले में रुके यात्रियों की मंशा को सुरक्षा एजेंसी भांपने की कोशिश कर रही हैं। पुलिस सूत्रों के अनुसार बरती जा रही सख्ती सुरक्षा एजेंसियों के इनपुट व कोविड- 19 से बचाव के दृष्टिगत हैं।

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