भाजपा के घोषणापत्र की जरूरी बातें:
किसी भी प्रकार से सत्ता पाने के लिए भाजपा ने राम मंदिर का राग फिर छेड़ दिया है। मुरलीमनोहर जोशी ने घोषणापत्र के मुख्य बिन्दुओ पर रोशनी डाली। भाजपा ने अपने चुनावी घोषणापत्र में अयोध्या में राम मंदिर के निर्माण जम्मू कश्मीर से धारा 370 हटाने और समान नागरिक संहिता जैसे मुद्दों को शामिल करते हुए लोगों से इन्हें पूरा करने का वायदा किया है। Release of BJP election manifesto के प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार नरेंद्र मोदी एवं अन्य नेताओं द्वारा आज यहां पार्टी मुख्यालय में जारी किए गए 52 पन्नों के घोषणापत्र में सुशासन और समेकित विकास देने का भी वायदा किया गया है।
एक पखवाड़े के विलंब से जारी घोषणापत्र में कहा गया है कि भाजपा अयोध्या में राम मंदिर के निर्माण के लिए संविधान के दायरे में सभी संभावनाओं को तलाशने के अपने रूख को दोहराती है। राम मंदिर मुद्दे को शामिल करने पर पार्टी के भीतर मतभेदों की खबरों के बारे में पूछे जाने पर घोषणापत्र समिति के अध्यक्ष मुरली मनोहर जोशी ने कहा कि यदि आप अपनी सोच के हिसाब से कुछ लिखना चाहते हैंए तो आप ऐसा करने को स्वतंत्र हैं।
9 चरण में हो रहे लोकसभा चुनाव के पहले दिन घोषणापत्र जारी करने के लिए उसके विरोधी दलों ने आलोचना की है। ऐसी अटकलें थीं कि जोशी द्वारा तैयार किए गए मसौदे के कुछ बिन्दुओं पर मोदी को आपत्ति थी और वर्तमान में प्रचार अभियान में विकास पर मोदी के जोर के मद्देनजर संघ परिवार के पसंदीदा विषय इसमें शामिल नहीं होंगे।

यह पूछे जाने पर कि क्या पार्टी राम मंदिर के मुद्दे को शामिल कर मतदाताओं को भ्रमित करने की कोशिश कर रही है और क्या इसे हिन्दुत्व के मुद्दे को फिर से उठाना कहा जा सकता हैए जोशी ने कहाए इसका हिन्दुत्व या किसी अन्य चीज से कोई लेना देना नहीं है। यह केवल विकास के कार्यक्रम का वायदा है। उन्होंने कहा कि हिन्दुत्व कभी भी चुनावी मुद्दा नहीं रहा है और घोषणापत्र विकास तथा सुशासन के मुद्दों पर आधारित है।
जोशी ने राम मंदिर के वायदे के संदर्भ में कहा कि हमने इसे सांस्कृतिक विरासत के खंड में रखा है। हमारे लिए जो सांस्कृतिक रूप से महत्वपूर्ण हैए वह हमने कहा है। उन्होंने कहा कि यह मुद्दा पार्टी के पूर्व के घोषणापत्रों में भी शामिल किया जाता रहा है और पार्टी का रूख बदला नहीं है।

समान नागरिक संहिता के मुद्दे पर घोषणापत्र में कहा गया कि संविधान की धारा 44 में समान नागरिक संहिता राज्य नीति के निर्देशक सिद्धांतों के रूप में दर्ज की गई है। भाजपा का मानना है कि जब तक भारत में समान नागरिक संहिता को अपनाया नहीं जाता हैए तब तक लैंगिक समानता कायम नहीं हो सकती है। समान नागरिक संहिता सभी महिलाओं के अधिकारों की रक्षा करती है। भाजपा सर्वश्रेष्ठ परंपराओं से प्रेरित समान नागरिक संहिता बनाने को कटिबद्ध है जिसमें उन परंपराओं को आधुनिक समय की जरूरतों के मुताबिक ढाला जाएगा।
जम्मू कश्मीर का उल्लेख करते हुए घोषणापत्र में साफ तौर पर कहा गया कि इस प्रदेश को विशेष राज्य का दर्जा देने वाली धारा 370 का हटाने के अपने दृष्टिकोण पर पार्टी कायम है और रहेगी। इसमें कहा गया कि कश्मीरी पंडितों की अपने पर्वूजों की भूमि में ससम्मानए सुरक्षित और सुनिश्चित आजीविका के साथ वापसी सुनिश्चित करना भाजपा के एजेंडे में उच्च स्थान पर रहेगा।

रामसेतु के संदर्भ में घोषणापत्र में कहा गया कि यह देश की सांस्कतिक विरासत का अंग है और थोरियम भंडारों के कारण इसका सामरिक महत्व भी है। सेतु समुद्रम परियोजना पर निर्णय लेते समय इन तथ्यों पर विचार किया जाएगा।

संप्रग.1 और संप्रग.2 के दस साल के शासनकाल को गिरावट का दशक बताते हुए कहा कि इस दौरान भारत में हर प्रकार की समस्याओं से निपटने में गिरावट आई है। चाहे वह शासन होए आर्थिक स्थिति होए राजनयिक अपमान होए विदेश नीति की असफलता होए सीमापार घुसपैठ होए भ्रष्टाचार और घोटाले हों या महिलाओं के साथ होने वाले अपराध हों।

इसमें कहा गया, सरकार प्रतिदिन दुविधा में ही पड़ी रही जिसके कारण देश पर निराशा और विनाश के बादल मंडराते रहे जबकि राजग शासन के समय भारत को उभरती हुई महाशक्ति कहा जाने लगा था।

इसके अनुसारए संप्रग शासन ने देश के सामने मौजूद महत्वपूर्ण और तात्कालिक स्थिति पर ही नहीं पड़ी बल्कि इससे देश की दीर्घकालिक क्षमताओं पर भी बुरा असर ड्राला। लोग कुंठित महसूस कर रहे हैं और उनका विश्वास व्यवस्था से हट गया है। भाजपा इन सारे मसलों का हल प्राथमिकता के आधार पर निकालने के लिए त्वरित और निर्णायक कदम उठाएगी।
अल्पसंख्यकों से घोषणापत्र में वादा किया गया कि उनके जीवन स्तर को उंचा उठाने और उद्योग के क्षेत्र में उनके लिए सुविधाएं उपलब्ध करायी जाएंगी। इसमें कहा गया कि यह दुर्भाग्य की बात है कि आजादी के इतने बरसों बाद भी अल्पसंख्यकों का एक बड़ा समूहए विशेषकर मुस्लिम समुदाय गरीबी रेखा के नीचे जीवनयापन कर रहा है। आधुनिक भारत समान अवसर वाला होना चाहिए। भाजपा यह सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है कि भारत के विकास में सभी समुदायों की समान भागीदारी होनी चाहिए।

इसमें कहा गया कि हमारा विश्वास है कि अगर कोई समुदाय पीछे छूट गयाए तो भारत प्रगति नहीं कर सकता। काले धन के बारे में घोषणापत्र में कहा गया कि भाजपा की सरकार आने पर भ्रष्टाचार की गुंजाइश न्यूनतम करके ऐसी स्थिति पैदा की जाएगी कि काला धन पैदा ही ना होने पाए। इसमें यह वादा भी किया गया कि आने वाली भाजपा सरकार विदेशी बैंकों और समुद्र पार के खातों में जमा काले धन का पता लगाने और उसे वापस लाने के लिए हरसंभव प्रयास करेगी। उसने वादा किया कि काले धन को वापस भारत लाने के कार्य को प्राथमिकता के आधार पर किया जाएगा।

केंद्र और राज्यों के संबंध में भाजपा ने वादा किया कि एक विविधतापूर्ण देश होने के कारण भारत के अलग अलग क्षेत्रों में रहने वाले विभिन्न समुदायों की अपनी आकांक्षाएं होती हैं। ऐस में केंद्र और राज्यों को ऐसा कार्यतंत्र बनाना होगाए जिससे आपसी रिश्ते सदभावपूर्ण हों और हर राज्य की स्वाभाविक परेशानियां व्यापक रूप से निपटायी जा सकें।

इसमें कहा गया कि टीम इंडिया प्रधानमंत्री के नेतृत्व में दिल्ली में बैठी टीम ही नहीं होगीए बल्कि मुख्यमंत्रियों और अन्य अधिकारियों को भी इसमें समान भागीदार बनाया जाएगा। सत्ता में आने पर भाजपा ने अपने घोषणापत्र में तेज रफ्तार बुलेट ट्रेनों का जाल बिछाने के लिए एक महत्वाकांक्षी हीरक चतुर्भुज रेल परियोजना शुरू करने की घोषणा की।

इसमें कहा गया कि देश की जीवन रेखा भारतीय रेल को यात्रियों की सुविधा और देश की अर्थव्यवस्था के विकास को ध्यान में रखते हुए बनाया जाएगाए ना कि राजनीतिक उद्देश्यों की पूर्ति के लिए। खुली सरकार और जवाबदेह शासन का वादा करते हुए घोषणापत्र में कहा गया कि प्रशासनिक सुधार भाजपा के लिए प्राथमिकता होंगे। सत्ता में आने पर भाजपा सरकार इसका क्रियान्वयन प्रधानमंत्री कार्यालय के तहत एक उचित संस्था के जरिए करेगी।

इसका उद्देश्य सरकार की निर्णय प्रक्रिया में पारदर्शिता लाना होगा। चुनाव सुधारों की बात करते हुए पार्टी ने कहा कि सत्ता में आने पर वह अपराधियों को राजनीति से बाहर करने और विधानसभाओं तथा लोकसभा के चुनाव एक साथ कराने का तंत्र विकसित करने के लिए दूसरे दलों के साथ विचार विमर्श करेगी। उसका कहना है कि इससे सरकार और राजनीतिक दलों का खर्च कम होगा और राज्य सरकार में थोड़ी स्थिरता भी आएगी।

खाद्य सुरक्षा का भरोसा दिलाते हुए घोषणापत्र में कहा गया कि यह सुनिश्चित किया जाएगा कि इस योजना का लाभ आम आदमी तक पहुंचे और भोजन का अधिकार सिर्फ कागज पर बना एक कानून या राजनीतिक नारा भर न रह जाए।

खेलकूद में भारत के अच्छा प्रदर्शन नहीं करने की शिकायत करते हुए भाजपा ने घोषणापत्र में एक राष्ट्रीय खेलकूद प्रतिभा खोज प्रणाली शुरू करने की बात कही। इसमें कहा गया कि इस क्षेत्र को आगे बढ़ाने के लिए संगठित तरीके से निवेश करने की जरूरत है। उसने कहा कि वह सत्ता में आने पर तमाम खेलए पारंपरिक एवं आधुनिक का समर्थन करेगी।
महिलाओं के सशक्तिकरण और कल्याण को उच्च प्राथमिकता देने की बात कहते हुए घोषणापत्र में कहा गया कि बालिका समृद्धिए लाडली लक्ष्मी और चिरंजीवी योजना जैसी पहले की सफल योजनाओं की सर्वोत्तम बातों को शामिल करके एक व्यापक योजना तैयार की जाएगीए जिससे कन्याओं के प्रति परिवारों में सकारात्मक प्रवृति को बढ़ावा मिले।

घोषणापत्र में हर घर कोए हर खेत को और हर कारखाने को पानी उपलब्ध कराने का वादा करते हुए कहा कि हर खेत को पानी देने के उद्देश्य से प्रधानमंत्री ग्राम सिंचाई योजना का शुभारंभ किया जाएगा। नदियों को जोडऩे के बारे में अपने पिछले रुख में परिवर्तन करते हुए पार्टी ने कहा कि व्यावहारिकता के आधार पर नदियों को आपस में जोडऩे पर विचार होगा।

संप्रग सरकार की कर नीति को टैक्स आतंकवाद का नाम देते हुए भाजपा के घोषणापत्र में कहा गया कि इसने अनिश्चितता बढ़ाने का काम किया है जिसके कारण व्यापारी वर्ग में एक प्रकार की हताशा आयी है और निवेश के वातावरण पर नकारात्मक प्रभाव पड़ा है। इसके साथ ही इससे देश की साख पर भी बट्टा लगा है। पार्टी ने कहा कि सत्ता में आने पर वह कर प्रणाली को तार्किक और आसान बनाएगी और विवादों के निपटारे के लिए तंत्र विकसित करेगी।

प्रत्यक्ष विदेशी निवेश के बारे में इसमें कहा गया कि मल्टी ब्रांड खुदरा निवेश में वह एफडीआई का समर्थन नहीं करेगी और एफडीआई की केवल उन्हीं क्षेत्रों में अनुमति दी जाएगीए जहां नौकरी और पूंजी का निर्माण हो सके या जहां आधारभूत ढांचे के लिए तकनीकी और विशेषज्ञ ज्ञान की आवश्यकता हो। पार्टी ने कहा कि वह छोटे और मंक्षौले दुकानदारों के हित संरक्षण के लिए प्रतिबद्ध है।
जानिए घोषणापत्र की खास बातें
. अयोध्या में बनेगा राम मंदिर
. भाजपा के घोषणापत्र में नीतियों की कमीए व्यवस्था में सुधार और भ्रष्टाचार के साथ ही टीम इंडिया की परिकल्पना जैसे मुद्दे शामिल
. राष्ट्रीय स्वास्थ्य गारंटी मिशन सहित नई राष्ट्रीय स्वास्थ्य नीति तैयार की जाएगी
. अस्पतालों का आधुनिकीकरण किया जाएगा
. प्रत्येक राज्य में एम्स होगा
. न्यायिकए चुनावी और पुलिस सुधारों पर भी ध्यान केंद्रित किया गया है
. महंगाई पर नियंत्रण करने की बात
. अल्पसंख्यकों को शिक्षा और उद्योग में अधिक अवसरों की आवश्यकता पर जोर
. भाजपा सरकार निवेशकों को आकर्षित करने के लिए कर प्रणाली में सुधार करेगी
. कर आतंक का खात्मा होगा और लोगों की परेशानी कम होगी
. बहु ब्रांड खुदरा क्षेत्र को छोडक़र अन्य क्षेत्रों में एफडीआई का स्वागत
. प्रत्येक गांव तक पानीए प्रत्येक क्षेत्र तक पानी सरकार की प्राथमिकताओं में से एक होगा
. फ्रेट एवं औद्योगिक कॉरिडोर विकसित किए जाएंगे
. तटीय क्षेत्र नेटवर्क का विकास सागर माला परियोजना के जरिए किया जाएगा

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