पढि़ए दैनिक दबंग दुनिया मुम्बई के डिप्टी न्यूज एडीटर रोहित तिवारी का जानकारीपरक लेख
फिल्म इंडस्ट्री के स्टार्स रोल्स के दम पर जैसे अपने चाहने वालों के दिलों पर राज करते हैं, वैसे ही वे अपनी चमक फैलाने के लिए संसद भवन भी आसानी से पहुंच जाते हैं। फिल्मी हस्तियों में एक या दो नहीं, बल्कि कई स्टार्स हैं। जिन्हें राजनीति की एबीसीडी तक नहीं आती थी, फिर भी वे अपनी लोकप्रियता को भुनाते हुए बड़ी आसानी से संसद तक पहुंचे हैं। जी हां, राजनीति के गलियारे में ऐसी कई फिल्मी हस्तियां हैं, जिन्होंने कई सालों तक संसद की सीट पर अपना कब्जा जमाए रखा है और जमकर उसकी मलाई भी चटी है। आज हम ऐसे ही कुछ स्टार्स के बारे में आपको रू-ब-रू कराने जा रहे हैं-
मिथुन चक्रवर्ती
16 जून 1950 को बंगाल में जन्मे मिथुन चक्रवर्ती मार्शल आर्ट में स्पेशलिस्ट हैं। उन्होंने जिस तरह से बड़े पर्दे पर अपनी छाप छोड़ी है, वैसी ही संसद में भी अपनी अलग पहचान बनाई है। सन् 2014 में वे बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बेनर्जी के सहयोग से राज्यसभा पहुंचे, जहां पर उन्होंने अपनी अहम भूमिका निभाई।

बप्पी लहरी
बप्पी लहरी का जन्म कोलकाता हमें सन् 1952 को हुआ था। वे बॉलीवुड इंडस्ट्री के फेमस संगीतकारों में से एक हैं। उन्होंने अपने संगीत के दम पर सिर्फ इंडिया में ही नहीं, बल्कि पूरे विश्व में अपने चाहने वालों के दिलों पर राज किया है। बप्पी लहरी बीजेपी की ओर से संसद भवन पहुंचने की तैयारी कर रहे हैं। वे कोलकाता से चुनाव मैदान में उतरेंगे।

हेमा मालिनी
सन् 1948 में तमिलनाडु में जन्मीं हेमा मालिनी बी-टाउन की जानी-मानी अदाकारा हैं। इसके अलावा इंडस्ट्री के चर्चित देओल परिवार से हैं। इन्होंने जहां अपने लटके-झकटों से आॅडियंस के दिलों पर अपनी अलग छाप छोड़ी है, वहीं राजनीति में भी उन्होंने किसी भी तरह की कोई कसर बाकी नहीं रखी। वे सन् 1999 में बीजेपी कंडीडेट विनोद खन्ना के लिए उनके प्रचार हेतु कमान भी संभाल चुकी हैं। फिर वे भारतीय जनता पार्टी के सहयोग से ही सन् 2012 में राज्यसभा पहुंचीं।

महेश मांजरेकर
महेश मांजरेकर मराठी हैं और इनका जन्म सन् 1958 में हुआ था। वे फिल्म इंडस्ट्री में अपनी अलग पहचान बनाने में सफल रहे हैं। वे मराठी रंगमंच के कलाकार और पटकथा लेखक हैं। मुंबई पुलिस को शक भी था कि वे अंडरवर्ल्ड के संपर्क में भी हैं। इसके लिए इनसे पूछताछ भी की जा चुकी है। महेश मांजरेकर महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना की ओर से मुंबई उत्तर-पश्चिम से लोकसभा का चुनाव लड़ रहे हैं।

रेखा
10 अक्टूबर 1954 को मद्रास में जन्मी रेखा बॉलीवुड की प्रतिभाशाली अभिनेत्रियों में से एक हैं। इनका पूरा नाम भानुरेखा गणेशन है। वैसे तो इन्होंने अपने करियर की शुरुअता तेलुगू फिल्मों से की, लेकिन बी-टाउन में उन्होंने अपनी कमसिन जवानी से सभी को मंत्रमुग्ध कर दिया है। राष्ट्रपति ने उन्हें सन् 2012 में राज्यसभा में नामांकित किया है।

जया बच्चन
मध्य प्रदेश के जबलपुर में सन् 1948 को जन्मीं जया बच्चन बॉलीवुड के प्रसिद्ध घराने बच्चन परिवार की मुखिया हैं। वे पहली बार समाजवादी पार्टी से सन् 2006 में राज्यसभा पहुंच चुकी हैं। इसके अलावा वे भले ही कई बार राजनीति को लेकर कंट्रोवर्सी में रही हों, पर राजनीति में उनकी अच्छी पैठ है। सपा की ओर से ही वे सन् 2012 में दोबारा संसद भवन पहुंची।

जयाप्रदा
सन् 1962 में जन्मीं जयाप्रदा फिल्म इंडस्ट्री का जाना-माना चेहरा हैं। इन्होंने जैसे अपने फैंस को अपनी ओर आकर्षित किया है, वैसे ही राजनीति में भी इन्होंने कई गुल खिलाए हैं। इन्होंने एक या दो नहीं, बल्कि पूरे छह भाषाओं में फिल्में की हैं। ख़ैर, एनटी रामाराव के निमंत्रण पर जयाप्रदा ने सन् 1994 में तेलुगू देशम पार्टी ज्वॉइन की और संसद भवन पहुंचीं। फिर आगे चलकर इन्होंने टीडीपी छोड़ दी और समाजवादी पार्टी में जा पहुंचीं। फिर 2009 में उन्होंने सपा की ओर से लोकसभा चुनाव लड़ा और संसद में दोबारा अपनी उपस्थिति दर्ज कराई। इस बार वे उत्तर प्रदेश से चुनाव लडेंÞगी।

चिरंजीवी
22 अगस्त 1955 में आंध्र प्रदेश में जन्में चिरंजीवी तेलुगू और हिंदी फिल्मों के स्टार हैं। इन्होंने सन् 2008 में आंध्र प्रदेश में प्रजा राज्यम पार्टी बनाई। फिर 2009 में हुए चुनाव में इन्होंने 295 सीटों में से 18 सीटें अपाने कब्जे में की। इस तरह से वे तिरुपति स्टेट एसेब्ली के मेंबर बन गए। फिर आगे चलकर चिरंजीवी ने कांग्रेस ज्वॉइन की और राज्यसभा में अपनी सीट हथिया ली।

नरगिस
वेस्ट बंगाल में सन् 1929 में जन्मीं नरगिस ने अपनी अदाओं से इंडस्ट्री में लोगों को अपना दीवाना बना लिया था। इन्होंने अपने जमाने में बी-टाउन को कई हिट फिल्में दी थीं। फिर वे सन् 1980 में कांग्रेस की ओर से राज्यसभा मेंबर बनीं। सन् 1981 में उनकी मृत्यु हो गई और उनकी याद में मुंबई स्थित बांद्रा रोड का नाम बदलकर नरगिस दत्त रोड किया गया।

धर्मेंद्र
सन् 1935 को पंजाब में जन्में धर्मेंद्र बॉलीवुड के नामचीन अभिनेता हैं। साथ ही इनका परिवार भी बी-टाउन में अपनी अलग पहचान बनाने में सफल रहा है। इसके अलावा वे सक्रिय राजनीतिज्ञ भी हैं। वे सन् 2004 में भारतीय जनता पार्टी की ओर से राजस्थान के बीकानेर से चुनाव लड़ा।

शत्रुघ्न सिन्हा
बिहार के पटना में सन् 1946 को जन्मे शत्रुघ्न सिन्हा बी-टाउन में खामोश के नाम से चर्चित हैं। इन्होंने जैसे इंडस्ट्री में कई कारनामे दिखाए हैं, वैसे ही राजनीति में भी ये जनाब काफी आगे तक गए। फिर इन्होंने 2009 के आम चुनाव में बीजेपी की ओर से बिहार के पटना से चुनाव लड़ा और भारी बहुमत से विजयी हुए।

गोविंदा
महाराष्ट्र में सन् 1963 को जन्मे गोविंदा ने अपने करियर के शुरुआती दिनों में बॉलीवुड को कई हिट फिल्में दी हैं। वे अच्छे डांसर होने के साथ ही बेहतरीन कॉमेडियन भी हैं। फिर सन् 2004 में वे उत्तर मुंबई से बीजेपी के कद्दरवर नेता व पूर्व रेल मंत्री राम नाईक को चुनाव में करारी शिकस्त दी और लोकसभा पहुंच गए।

विजया शांति
तेलुगू फिल्मों की एक्शन हीरोइन विजया शांति को लेडी अमिताभ कहते हैं। विजया शांति अपना पॉलीटिकल करियर भाजपा के साथ शुरू किया और फिर वे टीआरएस के साथ चुनाव मैदान में उतरीं। सन् 2009 में वे टीआरएस की एमपी बनीं और हाल ही में उन्होंने कांग्रेस में प्रवेश पाया है।

जय ललिता
जय ललिता ने तमिल राजनीति में महत्वपूर्ण स्थान बना लिया है। वे अब तक कई बार मुख्यमंत्री और विपक्ष की नेता रहीं। वर्तमान में तमिलनाडु की बागडोर उन्हीं के हाथों में है। 140 से अधिक तमिल फिल्मों में धूम मचाने वाली जय ललिता जयरामन सन् 1984-1989 तक राज्यसभा की सदस्य रहीं।

सुनील दत्त
सन् 1929 में जन्मे सुनील दत्त ने अपने करियर की शुरुआत फिल्म ‘रेलवे प्लेटफॉर्म’ (1955) से की थी। इन्होंने बॉलीवुड इंडस्ट्री को कई हिट फिल्में दीं। फिर आगे चलकर उन्होंने 1984 में कांग्रेस पार्टी के टिकट पर मुंबई उत्तर-पश्चिम लोकसभा सीट से चुनाव जीता और सांसद बने। वे यहीं से लगातार पांच बार सांसद चुने गए और उनकी मृत्यु के बाद उनकी बेटी प्रिया दत्त ने अपने पिता से विरासत में मिली वह सीट फिर से जीत ली। इसके अलावा भारत सरकार ने सन् 1968 में उन्हें पद्मश्री सम्मान भी प्रदान किया था।

दारा सिंह
सन् 1928 को पंजाब के धरमूचक में जन्मे दारा सिंह अपने जमाने के नामचीन पहलवान हुआ करते थे। फिर उन्होंने बी-टाउन में भी अपना गजब का प्रदर्शन किया। उन्हें अपने देश में ही नहीं, बल्कि पूरे विश्व में जाना जाता था। वे भारत के पहले ऐसे स्पोर्ट्समैन थे, जिन्हें सन् 2003-2009 के लिए राज्यसभा में मनोनीत किया गया था। इसके अलावा वे जाट महासभा के प्रेसीडेंट भी रह चुके थे।

राजेश खन्ना
अमृतसर में सन् 1942 को जन्मे राजेश खन्ना बॉलीवुड के पहले सुपर स्टार थे। उन्होंने कई हिंदी फिल्में बनार्इं और राजनीति में भी प्रवेश किया। वे नई दिल्ली लोकसभा सीट से पांच वर्ष 1991-96 तक कांग्रेस पार्टी के सांसद रहे। बाद में उन्होंने राजनीति से सन्यास ले लिया।

विनोद खन्ना
विनोद खन्ना का जन्म सन् 1946 में पेशावर (जो अब पाकिस्तान में है) के एक बिजनेसमैन के घर हुआ था। इन्होंने अपने गजब के अभिनय से बॉलीवुड में अपनी अलग पहचान बनाई है। आगे चलकर वर्ष 1997 और 1999 में वे दो बार पंजाब के गुरदासपुर क्षेत्र से भारतीय जनता पार्टी की ओर से सांसद चुने गए। फिर सन् 2002 में वे संस्कृति और पर्यटन के केंद्रीय मंत्री भी रहे। सिर्फ 6 माह बाद ही उनको अति महत्वपूर्ण विदेश मामलों के मंत्रालय में राज्य मंत्री भी बना दिया गया। सन् 2004 में उन्होंने गुरदासपुर से फिर से चुनाव जीता। हालांकि, वे 2009 का लोकसभा चुनाव में हार गए।
rohit

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