akhilesh_1~25~10~2014~1414223621_storyimageभारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की उत्तर प्रदेश इकाई ने राज्य में सत्तारूढ़ समाजवादी पार्टी (सपा) की सरकार पर किसान विरोधी होने का आरोप लगाया है। भाजपा ने कहा है कि उप्र में किसानों के कठिन परिश्रम की बदौलत कृषि उत्पादन में लगातार वृद्घि हुई है, लेकिन सरकार की गलत नीतियों का दुष्परिणाम है कि सूबे के किसान कर्ज लेकर जीवनयापन करने को मजबूर हैं। भाजपा की उप्र इकाई के प्रवक्ता विजय बहादुर पाठक ने कहा कि अखिलेश सरकार की कृषि नीतियों का दुष्परिणाम है कि सरकारी एजेंसियों को गेहूं और धान खरीद के लाले पड़े हुए हैं, जबकि उत्पादन में कहीं भी कमी नहीं आई है। अब उन्हें खाद्य सामग्री वितरित करने के लिए हरियाणा और पंजाब से अनाज मंगाना पड़ रहा है। उन्होंने कहा, ‘‘सरकारी एजेंसियों द्वारा गेहूं और धान की खरीद न होने पर मजबूरीवश किसान औने-पौने दाम पर बिचौलियों को फसल बेचते हैं, जिससे किसानों को काफी नुकसान उठाना पड़ रहा है।’’ सपा प्रमुख मुलायम सिंह यादव पर कटाक्ष करते हुए पाठक ने कहा, ‘‘दुर्भाग्य की बात है कि अपने को धरती पुत्र कहने वाले को ही किसानों का खयाल नहीं है। सूबे में गेहूं व धान की खरीद से सार्वजनिक वितरण प्रणाली के लाभार्थियों को सरकार गेहूं चावल उपलब्ध कराती है।’’ पाठक ने कहा कि सरकार की गेहूं-धान खरीद नीति का हश्र यह है कि पिछले दो सालों में गेहूं और धान की खेती में घटी नहीं होने के बावजूद सरकारी एजेंसियों को गेहूं और धान खरीद के लाले पड़ गए हैं।

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