माध्यमिक शिक्षा परिषद उत्तर प्रदेश की हाईस्कूल व इंटरमीडिएट की वर्ष 2020 की परीक्षा में खराब प्रदर्शन वाले संस्थान चिह्नित किए गए हैं। 30 फीसदी से भी कम रिजल्ट लाने वाले संस्थानों को जिलाधिकारी की ओर से नोटिस जारी किया गया है। इन्हें अगली बार परिणाम सुधारने के लिए अभी से कार्य करने के निर्देश दिए गए हैं।

जिले में 10 कॉलेज ऐसे हैं जिसमें 100 से अधिक छात्र-छात्राओं ने बोर्ड की परीक्षा दी, लेकिन इनका परिणाम 30 फीसदी से भी कम रहा। वहीं 42 संस्थान ऐसे हैं जिसमें छात्र-छात्राओं की संख्या 100 से भी कम रही और इनका रिजल्ट 30 फीसदी से ऊपर नहीं बढ़ पाया। जिसके बाद इन सभी संस्थानों को चिन्हित करके जिलाधिकारी की ओर से नोटिस दिया गया है। निर्देश दिए गए हैं कि महामारी काल में विद्यार्थियों को ऑनलाइन तरीके से अच्छी से अच्छी शिक्षा दी जाए, जिससे कि आगामी बोर्ड परीक्षा में इनका रिजल्ट बेहतर हो सके। इसके बाद भी अगर लापरवाही की गई और बोर्ड परीक्षा के रिजल्ट में सुधार न हुआ तो इन संस्थानों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी। जिलाधिकारी के निर्देशों के बाद जिला विद्यालय निरीक्षक ने सभी संस्थानों को निर्देश दिए हैं।

बोर्ड परीक्षा में 30 फीसदी से कम रिजल्ट लाने वाले सभी संस्थानों को नोटिस जारी किए गए। जिलाधिकारी के निर्देशानुसार इन सभी प्रतिनिधि नजर रखी जाएगी और पल-पल की रिपोर्ट उच्च अधिकारियों को भेजी जाएगी। विद्यार्थियों की पढ़ाई में इन्होंने अब अगर लापरवाही की तो इनके खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी।
-डॉ. धर्मेंद्र शर्मा, जिला विद्यालय निरीक्षक।

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