Anna Hazare in Action
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लोकपाल से ध्यान बंटाने का प्रयास कर रही सरकार

समाजिक कार्यकर्ता अन्ना हजारे ने कहा कि केंद्र की कांग्रेस नीत सरकार लोकपाल विधेयक से ध्यान बंटाने का प्रयास कर रही है और उसके इरादे ईमानदार नहीं हैं। हजारे ने अहमदनगर जिला स्थित अपने गांव रालेगणसिद्धि में आयोजित एक संवाददाता सम्मेलन में कहा कि सरकार भ्रष्टाचार पर रोक लगाने के लिए मजबूत लोकपाल को लेकर असमंजस की स्थिति में है। उसके इरादे ईमानदार नहीं हैं|

उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री कार्यालय का कहना है कि लोकपाल विधेयक का मसौदा हमसे, हमारे सहयोगियों से सलाह मशविरे के बाद तैयार किया जा चुका है। वे लोगों को गुमराह कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि गत वर्ष हमारा मसौदा तैयार था, सरकार का मसौदा तैयार था। वे दोनों मसौदों को कैबिनेट के समक्ष रख सकते थे। समय नष्ट क्यों किया गया यह स्पष्ट है कि उनमें मजबूत भ्रष्टाचार विरोधी विधेयक बनाने को लेकर इच्छाशक्ति की कमी है और वे लोगों को गुमराह कर रहे हैं।
हजारे ने कहा कि आजादी के 65 वर्षों बाद, हम अभी भी अंग्रेजों के बनाए कानूनों का पालन कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि आधिकारिक गोपनीय कानून की क्या आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि सरकार कह रही है। प्रधानमंत्री कार्यालय कह रहा है कि भ्रष्टाचार मिटाने के लिए कई कदम उठाए गए हैं। लोकतंत्र में जब एक कानून बनाया जाता है तो लोगों को विश्वास में लिया जाना चाहिए। यहां पर सरकार मसौदा बना रही है और कानून भी बना रही है।

हजारे ने भ्रष्टाचार पर कोई रोक नहीं होने का कारण यह है कि सरकार के कानून में कई खामियां हैं। इस आलोचना पर कि वह राष्ट्रविरोधी थे, उन्होंने कहा कि मुझे राष्ट्रविरोधी कहना गलत होगा। सरकार कहती है कि मैं देशद्रोही हूं। यदि मैं हूं तो मुझे जेल में डालो। हजारे ने इस आरोप से भी इनकार किया कि उनके आंदोलन ने खर्च का लेखाजोखा नहीं दिया था। उन्होंने कहा कि हमने अपने खाते की लेखापरीक्षा कराकर उसे इंटरनेट पर डाल दिया है। आपकी पार्टी भी कई तरह की राशियां एकत्रित करती है, आप खातों का लेखाजोखा लोगों को उपलब्ध क्यों नहीं करा रहे हैं। उन्होंने कहा कि हमारे आंदोलन में कोई विदेशी हाथ नहीं है|

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