mulayamलड़कों से गलती हो जाती है वाले बयान के बाद सपा सुप्रीमो मुलायम सिंह यादव एक बार फिर विपक्ष के निशाने पर हैं। एक ओर बलात्कार के कई मामलों पर में समाजवादी पार्टी सरकार आलोचनाओं का सामना कर रही है, वहीं पार्टी प्रमुख मुलायम सिंह यादव शनिवार को अपने उस बयान को लेकर आलोचना के घेरे में आ गये हैं, जिसमें कहा गया है कि 21 करोड़ की आबादी के बावजूद राज्य में बलात्कार के कम मामले हुए।
मोहनलालगंज इलाके में एक महिला के साथ बलात्कार और उसकी हत्या पर यादव ने दिल्ली में संवाददाताओं के सवालों के जवाब में कहा कि आप उत्तर प्रदेश की बात करते हैं। वहां की आबादी 21 करोड़ है। अगर इस देश में इस तरह के सबसे कम मामले हुए हैं तो उत्तर प्रदेश में। सपा सुप्रीमो के बयान पर विपक्ष ने हमला करते हुए कहा कि इससे समाजवादी पार्टी सरकार की असंवेदनशीलता उजागर हो गयी है। इससे पहले भी मुलायम सिंह तब विवादों के घेरे में आ गए थे जब उन्होंने बलात्कार के लिए फांसी पर सवाल उठाते हुए कहा था कि लड़के, लड़के हैं, गलती हो जाती है।
यूपीसीसी अध्यक्ष निर्मल खत्री ने कहा कि यादव का बयान महिलाओं के खिलाफ उनकी असंवेदनशीलता को ही जाहिर करता है। समाजवादी पार्टी सरकार के दौरान ऐसे अपराध इसलिए हो रहे हैं क्योंकि उसने गलत करने वालों को शरण दे रखी है। कांग्रेस नेता राशिद अल्वी ने कहा कि यहां तक इस तरह का एक भी मामला शर्मनाक है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार को कोशिश करनी चाहिए कि एक भी मामला नहीं हो क्योंकि इससे देश में गलत संदेश जाता है।
बसपा के वरिष्ठ नेता आर के चौधरी ने कहा, यादव का बयान गैर जिम्मेदाराना है और इससे पता चलता है कि उन्होंने लखनऊ में हुए गैंगरेप और हत्या के मामले को कितने हल्के में लिया है। चौधरी ने कहा कि दिल्ली में हुए निर्भया कांड की ही तरह मोहनलालगंज की घटना भी अत्यंत जघन्य है। इस घटना को लेकर यादव द्वारा दिये गये गैर जिम्मेदाराना बयान की मैं निन्दा करता हूं।
भाजपा प्रदेश प्रवक्ता विजय बहादुर पाठक ने कहा कि पूरे देश के आंकड़ों पर नजर डालें तो प्रदेश में बलात्कार, दहेज हत्या और अन्य अपराध अन्य राज्यों के मुकाबले काफी अधिक हो रहे हैं। पाठक ने कहा कि दरअसल मुलायम अखिलेश के बचाव में उतरे हैं और कुतर्क कर रहे हैं। बेहतर होता कि वह मुख्यमंत्री को सलाह देते कि जाति, व्यक्ति और मजहब से उठकर सरकार कार्य करती तो अपराध के आंकडे कम होते और सरकार की छवि भी बच जाती।
राष्ट्रीय महिला आयोग की सदस्य शमीना शफीक ने कहा कि उत्तरप्रदेश के नेता को केवल अखबार पढ़ना है और उन्हें राज्य में बलात्कार के मामलों की संख्या के बारे में पता चल जाएगा। ब्यूरो

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