विधायक मुख्तार अंसारी के बेहद करीबी हरविन्दर सिंह उर्फ जुगनू वालिया की पांच लग्जरी गाड़ियां और एक आलीशान फ्लैट की कुर्की शुक्रवार को कर दी गई। आलमबाग पुलिस ने यह कार्रवाई अवैध तरीके से कमाई गई सम्पत्ति के आरोप पर की है। इस सम्बन्ध में कोर्ट ने कुर्की की अनुमति दे दी थी। जुगनू और उसके भाई सोनू वालिया समेत पांच लोगों पर पिछले साल जनवरी में एक व्यापारी अमनप्रीत सिंह की हत्या करने का आरोप है। इसमें आलमबाग पुलिस ने दोनों के खिलाफ कोर्ट में आरोप पत्र दाखिल किया था। इन दोनों पर 25-25 हजार रुपये इनाम भी है।

पुलिस कमिश्नर सुजीत पाण्डेय के निर्देश पर गैंगस्टर एक्ट में वांछित चल रहे अभियुक्तों पर कार्रवाई करने के लिये अभियान चलाया जा रहा है। इसी कड़ी में मुख्तार के करीबियों पर भी शिकंजा कसा जा रहा है। नौ जनवरी, 2019 में आलमबाग में परमजीत सिंह के बेटे अमनप्रीत की हत्या कर दी गई थी। इसमें राजू कालिया को नामजद किया गया था। पर, जांच में जुगनू, उसका भाई सोनू उर्फ रघुबीर सिंह, राजू, हरजीत सिंह, दिलशाद का नाम सामने आया। इन सबका नाम एफआईआर में बढ़ाया गया। 27 अप्रैल, 2019 को इनके खिलाफ आरोप पत्र कोर्ट में दाखिल कर दिया गया। इसी के बाद दोनों पर गैंगस्टर भी लगा था। एडीसीपी चिरंजीव नाथ सिन्हा ने बताया कि जुगनू के खिलाफ जांच हुई तो सामने आया कि उसने अवैध तरीके से काफी सम्पत्ति अर्जित की है। इस वजह से ही यह कार्रवाई की गई। वह इस समय जमानत पर बाहर है।

कोर्ट से अनुमति मिलते ही कुर्क हुई सम्पत्ति

पड़ताल में जुगनू वालिया के नाम करीब तीन करोड़ रुपये की सम्पत्ति सामने आयी। जब पुलिस जुगनू के खिलाफ अवैध तरीके से कमाई सम्पत्ति के कई साक्ष्य मिल गये तो पुलिस ने ऐसी सम्पत्ति कुर्क करने के लिये कोर्ट में अर्जी दी थी। कोर्ट से आदेश मिलते ही पुलिस ने यह कार्रवाई की। एडीसीपी के साथ ही एसीपी आलमबाग लाल प्रताप सिंह, दीपक कुमार सिंह, इंस्पेक्टर सरोजनीनगर आनन्द शाही, इंस्पेक्टर आलमबाग प्रदीप कुमार सिंह शुक्रवार शाम को अपने साथ चन्दरनगर नगर स्थित जुगनू वालिया के घर पहुंचे। वहां खड़ी ऑडी, इंडीवर, जगुआर, टाटा सफारी और रिट़ज गाड़िया कब्जे में लेकर आलमबाग कोतवाली भेज दी। इसके बाद उसके सरोजनीनगर के ट्रांसपोर्ट नगर स्थित फ्लैट को कुर्क करने की कार्रवाई की गई।

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