नई दिल्ली। मध्य प्रदेश के राज्यपाल लालजी टंडन का 85 साल की उम्र में निधन हो गया। उन्होंने लखनऊ के मेदांता अस्पताल में मंगलवार सुबह दम तोड़ा। उन्होंने सुबह 5 बजे अंतिम सांस ली। लालजी टंडन कई द‍िनों से राजधानी के मेदांता अस्‍पताल में भर्ती थे। उनके पुत्र नगर विकास मंत्री आशुतोष टंडन ने ट्वीट करते हुए यह दुख खबर सुनाई। बता दें कि टंडन उत्तर प्रदेश की राजनीति में काफी सक्रिय रहे हैं। वह प्रदेश की भाजपा सरकारों में कई बार मंत्री भी रहे हैं और अटल बिहारी वाजपेयी के सहयोगी के रूप में जाने जाते रहे। लालजी टंडन को 2018 में बिहार का गवर्नर बनाया गया। इसके बाद 2019 में उन्हें मध्य प्रदेश का राज्यपाल नियुक्त किया गया। अब उनके निधन पर राजनीतिक व अन्य बड़ी हस्तियों में शोक की लहर दौड़ गई है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लालजी टंडन के निधन पर दो ट्वीट करते हुए लिखा, ‘लालजी टंडन को समाज की सेवा के उनके अथक प्रयासों के लिए याद किया जाएगा। उन्होंने उत्तर प्रदेश में भाजपा को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उन्होंने एक प्रभावी प्रशासक के रूप में अपनी पहचान बनाई, हमेशा लोक कल्याण को महत्व दिया। उनके निधन से दुखी हूं।

आगे पीएम मोदी ने कहा कि लालजी टंडन संवैधानिक मामलों के अच्छे जानकार थे। उन्होंने प्रिय अटल जी के साथ लंबे और करीब से काम करने का आनंद लिया। दु: ख की इस घड़ी में, टंडन के परिवार और शुभचिंतकों को मेरी संवेदना। ओम शांति।

भारत के रक्षा मंत्री ने भी उन्हें याद किया।…और लिखा, ‘मध्य प्रदेश के राज्यपाल और उत्तर प्रदेश की एक कद्दावर शख़्सियत, लालजी टंडन के निधन का समाचार बहुत पीड़ादायक है। टंडनजी के साथ मुझे लंबे समय तक काम करने का अवसर मिला। उनका लंबा सार्वजनिक जीवन जनता की सेवा में समर्पित रहा और उन्होंने अपने काम से एक अलग छाप छोड़ी।’

रक्षा मंत्री ने आगे कहा कि स्वभाव से बेहद मिलनसार टंडनजी कार्यकर्ताओं के बीच भी बेहद लोकप्रिय थे। विभिन्न पदों पर रहते हुए उन्होंने जो विकास कार्य कराए उसकी सराहना आज भी लखनऊ और उत्तर प्रदेश के लोग करते हैं। ईश्वर समस्त शोक संतप्त परिवार को दुःख की इस घड़ी में धैर्य और संबल प्रदान करे। ओम शान्ति!

कोई जवाब दें

कृपया अपनी टिप्पणी दर्ज करें!
कृपया अपना नाम यहाँ दर्ज करें

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.