अयोध्या। राम मंदिर के भूमि पूजन की तैयारियों के बीच माझा बरहटा में भूमि के अंश निर्धारण की प्रक्रिया तेज हो गई है। भगवान राम की 251 मीटर ऊंची प्रतिमा यहीं स्थापित होनी है। भगवान राम की प्रतिमा लगाने की घोषणा मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ कर चुके हैं। यह गांव माझा सर्वे में है। लगभग 83 हेक्टेयर भूमि का चयन भगवान राम की प्रतिमा लगाने के लिए प्रस्तावित है। भूमि खरीदने के लिए सौ करोड़ रुपये शासन से मिल चुके हैं। किसानों से भूमि की रजिस्ट्री कराने के लिए राज्यपाल की तरफ से संयुक्त सचिव पर्यटन एपी सिंह को नामित किया गया है। इससे पहले क्षेत्रीय पर्यटक अधिकारी आरपी यादव नामित थे।

संयुक्त सचिव के अनुसार भूमि की रजिस्ट्री कराने का जो प्रारूप जिले से आया था, शासन के अनुमोदन के बाद उसे वापस भेजा गया है। किसानों से भूमि की खरीद जब शुरू होगी, तभी वह राज्यपाल से नामित होने के नाते रजिस्ट्री कराने में मौजूद रहेंगे। रामलला की प्रतिमा के लिए प्रस्तावित 83 हेक्टेयर भूमि में करीब दो सौ किसानों की भूमि आ रही है। प्रस्तावित भूमि के लिए आई आपत्तियों में एक भी पोषणीय न होने से सहायक अभिलेख अधिकारी सभी को खारिज करने की जानकारी देते हैं। भरोसेमंद सूत्रों की माने तो रामलला की प्रतिमा के लिए प्रस्तावित भूमि का अंश निर्धारण सर्वे में लगी टीम ने कर लिया है, जिससे भूमि खरीदने के बाद विवाद की गुजाइंश न रहे।

मंदिर के भूमि पूजन के लिए प्रस्तावित पांच अगस्त को प्रधानमंत्री के रामनगरी आने के कार्यक्रम के चलते दबी जुबान से इसके लिए भी चर्चा होने लगी है। हालिया तेजी को सहायक अभिलेख अधिकारी भान सिंह सिर्फ सर्वे प्रक्रिया का हिस्सा बताते हैं। उनके अनुसार वर्ष 1984 से यह गांव सर्वे में है। नायब तहसीलदार अयोध्या की अगुवाई में टीम गठित कर सर्वे प्रक्रिया पूरी कराई जा रही है।

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