नई दिल्ली। भले ही हमारे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी ने चीन की तरफ दोस्ती का हाथ बढ़ाया हो। परन्तु चीन का भारत को धमकी देने का सिलसिला अभी तक जारी है। चीन ने भारत को चेतावनी दी है कि वह बिना उसकी मंजूरी के बिना दक्षिणी चीन सागर से तेल और गैस ब्लॉक की खोजबीन न करे। चीन की यह चेतावनी वियतनाम से भारत की आर्थिक और डिफेंस क्षेत्र इन्गेजमेंट के बाद आई है। भारत की कंपनी ओएनजीसी विदेश लिमिटेड एक्सक्लूसिव इकनॉमिक जोन (EEZ) और वियतनाम के ईंधन क्षेत्र में तेल और गैस की खोजबीन में लगी हुई है। चीन के विदेश मंत्रालय के एक टॉप ऑफिशल ने कहा, ‘किसी भी तरह से तेल या गैस की खोजबीन करने से पहले चीन से मंजूरी ली जानी चाहिए।’ हालांकि, ऑफिशल ने यह भी कहा कि दक्षिण चीन सागर को लेकर चल रहे विवाद का निबटारा होने से इलाके में ‘जॉइंट डिवेलपमेंट को बढ़ावा मिलेगा।’ अधिकारी ने यह बयान हमारे सहयोगी न्यूज़पेपर The Times of India के एक सवाल के जवाब में दिया। ईस्ट-वेस्ट सेंटर मीटिंग में इंटरनैशनल जर्नलिस्ट्स के साथ हो रही एक मीटिंग में यह सवाल पूछा गया। अमेरिका के डिफेंस सेक्रटरी एश्टन कार्टर ने शुक्रवार को चीन को साउथ चीन सागर में उसकी गतिविधियों के लिए चेतावनी दी थी। एश्टन ने कहा था कि चीन की गतिविधियों से दक्षिणी चीन सागर का विवाद और ज्यादा बढ़ने का खतरा है। चीन हमेशा से दावा करता रहा है कि दक्षिणी चीन सागर में 80% से ज्यादा हिस्सा उसका है।

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