चार लोग हिरासत में
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भाजपा नेता विजय पंडित के परिवार के लोगों ने राजनीतिक प्रतिशोध का आरोप लगाते हुए उनकी हत्या की सीबीआई जांच कराए जाने की आज मांग की। वहीं, पुलिस ने इस मामले में चार लोगों को हिरासत में लिया है जबकि गौतम बुद्ध नगर में निषेधाज्ञा लगा दी गई है, जहां हत्या के बाद बीती रात हिंसा भडक़ गई थी। इस बीच, पंडित की हत्या के मुद्दे पर उत्तर प्रदेश की सत्तारूढ़ समाजवादी पार्टी आज आलोचनाओं से घिर गई। मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने इस मामले में तेजी से कार्रवाई किए जाने का वादा करते हुए कहा कि दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा। सख्त सुरक्षा व्यवस्था के बीच आज यहां पंडित की अंत्एष्टि की गई।
बीती रात चार हमलावरों ने पंडित की हत्या कर दी जिसके बाद उनके समर्थकों ने दादरी पुलिस थाना के पास 16 वाहन फूंक दिए और पुलिस की एक टीम पर पथराव किया। पुलिस को भीड़ पर काबू करने के लिए हवा में गोलियां चलानी पड़ी। दोनों पक्ष के बीच झड़प देर रात तक चली। भाजपा कार्यकर्ताओं ने हत्यारों की गिरफ्तारी की मांग करते हुए राष्ट्रीय राजमार्ग पर यातायात अवरूद्ध कर दिया। जिलाधीश एवी राजमौली ने बताया, धारा 144 लगा दी गई है, हत्यारे जल्द ही गिरफ्तार कर लिए जाएंगे।
पुलिस ने बताया, हमने पूछताछ के लिए चार लोगों को हिरासत में लिया है। परिवार के लोगों ने कुछ संदिग्ध लोगों के नाम दिए हैं। उन्हें पकडऩे के लिए तलाश शुरू कर दी गई है। कानून व्यवस्था कायम रखने के लिए अद्र्धसैनिक बल के कर्मी और रैपिड एक्शन बल तैनात किए गए हैं। एडीजी (कानून व्यवस्था) देवेंद्र चौहान ने बताया कि हत्यारों को पकडऩे के लिए कई टीमें गठित की गई हैं। विशेष कार्य बल को भी मामले की जांच में लगाया गया है। पंडित की पत्नी एवं दादरी नगर पंचायत अध्यक्ष गीता ने आरोप लगाया कि चुनावी बैर को लेकर सपा के स्थानीय नेता नरिंदर भाटी के इशारे पर उनकी हत्या हुई है जबकि भाटी ने आरोपों को खारिज कर दिया।
गीता ने आरोप लगाया कि उन्हें धमकी मिल रही थी क्योंकि वे लोकसभा चुनाव में भाजपा संासद महेश शर्मा के लिए प्रचार कर रहे थे। हालिया चुनावों में पंडित ने भाजपा उम्मीदवार के चुनाव प्रचार का नेतृत्व किया था। पंडित के परिवार ने पुलिस पर निष्क्रियता बरतने का भी आरोप लगाते हुए कहा कि उन्होंने पुलिसकर्मियों को पंडित को मिली धमकी के बारे में सूचना दी लेकिन उन्होंने कोई ध्यान नहीं दिया। पंडित के भाई लोकेश ने कहा, हम सीबीआई जांच की मांग करेंगे। प्रशासन में खामी है। पोस्टमार्टम के बाद पंडित का शव उनके घर ले जाया गया। स्थानीय लोग और भाजपा कार्यकर्ता शवयात्रा में शामिल हुए। अंत्एष्टि स्थल पर प्रोविंशियल आम्र्ड कंस्टेबुलरी और स्थानीय पुलिस बल की एक बड़ी टुकड़ी तैनात की गई थी। भाजपा नेता की अंत्एष्टि दादरी शवदाह मैदान में हुई। उन्हें बीती रात गोली मार दी गई थी।
गौतम बुद्ध नगर सांसद महेश शर्मा ने सीबीआई जांच की मांग की और आरोप लगाया कि शहर में जंगल राज है क्योंकि अपराधियों के हौसले बुलंद हैं जबकि पुलिस बढ़ते अपराध को रोक पाने में नाकाम है। उन्होंने दावा किया कि भाजपा नेता की हत्या ने कानून व्यवस्था की स्थिति का खुलासा कर दिया है। भाजपा नेता मुख्तार अब्बास नकवी ने कहा, उत्तर प्रदेश में सरकार जैसा कुछ नहीं दिख रहा। कानून व्यवस्था पूरी तरह से चौपट हो गई है और उप्र सरकार इस ओर बहुत ही लुंज पुंज प्रतिक्रिया दे रही है। हत्या की निंदा करते हुए कांग्रेस नेता राशिद अल्वी ने कहा, यह घटना दुर्भाग्यपूर्ण है। इसके जिम्मेदार लोगों को अवश्य ही सजा मिलनी चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया, ”उप्र सरकार राज्य में कानून व्यवस्था कायम रखने में नाकाम रही है। हालात बहुत खराब हैं। लोग विश्वास खो रहे हैं। उप्र सरकार को अवश्य ही फौरन कदम उठाना चाहिए। अखिलेश सरकार की आलोचनाओं के बीच वरिष्ठ अधिकारियों ने कहा कि मुख्यमंत्री ने मामले के सभी पहलुओं की गहन जांच के निर्देश दिए हैं। उत्तर प्रदेश गृह विभाग के प्रधान सचिव दीपक सिंहल ने कहा, बीती रात 3 बजे तक हम निगरानी कर रहे थे। बहुत वरिष्ठ अधिकारी, आईजी (नोएडा क्षेत्र) आलोक, डीआईजी, डीएम वहां गए थे। उन्होंने कहा, यह एक दुखद घटना है लेकिन प्रशासन और हमारे मुख्यमंत्री ने फैसला किया कि पहले कानून व्यवस्था की स्थिति को नियंत्रण में लाया जाए फिर इसके जिम्मेदार लोगों को जल्द से जल्द गिरफ्तार किया जाए और सख्त कार्रवाई की जाएगी।

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