कांग्रेस को उसके गढ़ों में मात देते हुए नरेंद्र मोदी की लहर ने भाजपा को एनसीपी के अप्रत्याशित समर्थन से महाराष्ट्र में सरकार बनाने की कगार पर पहुंचा दिया है, जबकि हरियाणा में पार्टी अपने बूते सरकार बनाएगी।

लोकसभा चुनावों में मिली शानदार कामयाबी के बाद मोदी की पहली बड़ी परीक्षा के तौर पर देखे जा रहे इन विधानसभा चुनावों ने साबित किया कि दोनों राज्यों में भाजपा का प्रभाव कायम है। दोनों ही राज्यों में पार्टी ने आक्रामक चुनाव अभियान चलाया था।

हरियाणा में पार्टी को पहली बार अपने दम पर बहुमत मिला। राज्य की 90 विधानसभा सीटों में भाजपा को 47 सीटें हासिल हुई, जबकि पिछले चुनाव में पार्टी को महज चार सीटें नसीब हुई थी । राज्य में 10 साल तक शासन करने वाली कांग्रेस 40 से सिमटकर 15 सीटों पर आ गई । इंडियन नेशनल लोकदल :इनेलो: 19 सीटें जीतकर दूसरे पायदान पर रही।

भाजपा ने महाराष्ट्र में भी दमदार प्रदर्शन किया। सीट बंटवारे के मुद्दे पर अपनी सबसे पुरानी सहयोगी शिवसेना से नाता तोड़ने वाली भाजपा को 288 विधानसभा सीटों में से 122 सीटें हासिल हुई। बहुमत के लिए पार्टी को 145 सीटों की जरूरत थी । पार्टी ने पिछले चुनावों में 47 सीटें जीती थी।

शिवसेना को 63 सीटों से संतोष करना पड़ा और वह सरकार गठन में कोई अहम भूमिका भी नहीं निभा सकती, क्योंकि 41 सीटें जीतने वाली एनसीपी ने सरकार बनाने के लिए भाजपा को अप्रत्याशित एवं बिना शर्त समर्थन की पेशकश की है।

निवर्तमान विधानसभा में महाराष्ट्र सरकार की अगुवाई कर चुकी कांग्रेस 81 से सिमटकर 42 सीटों पर आ गई। राज ठाकरे की अगुवाई वाली महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना :मनसे: को महज एक सीट मिली । पिछले चुनाव में पार्टी को 13 सीटें मिली थीं।

हैदराबाद स्थित मुस्लिम मजलिस राज ठाकरे की पार्टी से ज्यादा सीटें जीतने में कामयाब रही । मुस्लिम मजलिस ने दो सीटें जीतकर राज्य में अपना खाता खोला।

शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे ने कहा कि वह बिन मांगा समर्थन नहीं देंगे, क्योंकि भाजपा पिछले 15 सालों से कांग्रेस के साथ सत्ता में रही एनसीपी का समर्थन ले सकती है। मोदी ने एनसीपी को नैचुरली करप्ट पार्टी यानी स्वाभाविक तौर पर भ्रष्ट पार्टी करार दिया था। उन्होंने यह भी कहा था कि एनसीपी के नेता शरद पवार एवं अन्य उसी कांग्रेस के गोत्र से आते हैं।

आज शाम भाजपा के संसदीय बोर्ड की बैठक हुई पर इससे पहले पार्टी अध्यक्ष अमित शाह ने एक तरह से शिवसेना को नजरअंदाज करते हुए साफ कर दिया कि उन्हें एनसीपी का समर्थन स्वीकार करने से परहेज नहीं है।

बैठक में हिस्सा लेने वाले मोदी ने दोनों राज्यों में भाजपा की जीत को ऐतिहासिक करार दिया और कहा कि यह पार्टी के लिए बहुत प्रसन्नता एवं गौरव की बात है।

शाह ने कहा कि दोनों राज्यों में मिली जीत मोदी सरकार के कामकाज और उसकी नीतियों पर जनता की मंजूरी की मुहर है और इससे साबित होता है कि मोदी लहर का असर बरकरार है। नवनिर्वाचित भाजपा विधायक कल बैठक कर अपने मुख्यमंत्रियों को चुन सकते हैं।sad

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