All party meeting in New Delhi…क्या सोलहवीं लोकसभा में नेता विपक्ष नहीं होगा और सोमवार से शुरू हो रहा संसद का बजट सत्र बगैर इस नेता के ही चलेगा? बजट सत्र शुरू होने में केवल एक दिन का समय बचा है और लोकसभा अध्यक्ष, संसदीय कार्य मंत्री या किसी अन्य के पास इस सवाल का कोई जवाब नहीं है। कांग्रेस के बार-बार इस पद के लिए दावा करने के बाद भी लोकसभा अध्यक्ष ने अभी तक इस बारे में निर्णय नहीं लिया है। संसद परिसर में लोकसभा अध्यक्ष द्वारा सत्र से पहले बुलायी गयी सर्वदलीय बैठक में भी इस मुद्दे पर निर्णय नहीं लिया गया। बैठक के बाद लोकसभा अध्यक्ष सुमित्रा महाजन और संसदीय कार्य मंत्री एम वेंकैया नायडू से पत्रकारों ने बार-बार यह सवाल किया कि लोकसभा में विपक्ष का नेता कौन होगा लेकिन उन दोनों में से किसी ने इस का जवाब नहीं दिया और चुप्पी साध ली। यहां तक कि लोकसभा में कांग्रेस के नेता मल्लिकार्जुन खड़गे भी इस सवाल को टालते नजर आये। बैठक के बाद जब पत्रकारों ने श्रीमती महाजन से यह पूछा कि क्या बैठक में विपक्ष के नेता के पद को लेकर कोई चर्चा हुई तो उन्होंने दो टूक शब्दों में कहा कि इस मुद्दे पर बैठक में कोई चर्चा नहीं हुई। श्री नायडू को भी जब पत्रकारों ने इस सवाल पर घेरा तो वह भी इसे टाल गये और कोई जवाब नहीं दिया। इसके बाद पत्रकारों ने श्री खड़गे से भी यही सवाल पूछा तो उन्होंने कहा कि इस बैठक में इस पर चर्चा ही नहीं हुई क्योंकि यह मांग ही अलग है। गौरतलब है कि कांग्रेस के नेताओं ने हाल ही में लोकसभा अध्यक्ष से मिलकर पार्टी को विपक्ष का नेता पद देने की मांग की थी लेकिन अभी तक इस पर कोई फैसला नहीं हुआ है। इसके मद्देनजर पार्टी का कहना है कि उसने न्यायालय का दरवाजा खटखटाने समेत सभी विकल्प खुले रखे हैं। पार्टी ने कहा है कि सबसे बड़ा विपक्षी दल होने के नाते विपक्ष के नेता का पद पाना उसका अधिकार है जो उसे मिलना चाहिए। उसने यह भी कहा है कि इसके लिए किसी पार्टी के पास सदन की कुल सदस्य संख्या की दस प्रतिशत यानी 55 सीटें होने का कोई नियम नहीं है।

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