akhiउत्तर प्रदेश के महोबा जिले मे सूबे के पहले बड़े सौर ऊर्जा सयंन्त्र का लोकार्पण करते हुए मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने आज कहा कि अगले साल 2016 तक बुन्देलखण्ड का यह पिछड़ा क्षेत्र बिजली के मामले मे सबसे अग्रणी होगा। उन्होंने कहा कि बुन्देलखण्ड के सभी सातो जिलो मे सोलर पावर प्रोजेक्ट की स्थापना कराकर इसे विकसित क्षेत्र की श्रेणी में लेने की पहल सूबाई सरकार ने की है। प्रदेश के महानगरीय इलाकों की तरह अब यहां के लोगों को भी आगे 22 से 24 घण्टे तक बिजली मुहैया होगी। इससे न केवल रोजी रोजगार जुड़े उपक्रमो को बढ़ावा देने मे मदद मिलेगी बल्कि यहां के निवासी भी विद्युत समस्या से स्थायी निदान प्राप्त कर सकेंगे। जिले के करहरा गांव मे भारतीय सौर ऊर्जा उद्योग की दिग्गज कंपनी एज्यूर पावर के 10 मेगावाट क्षमता के संयंत्र का लोकार्पण करते हुए मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने कहा कि विकास के लिए विद्युत का बड़ा महत्व है इसकी व्यवस्था को सुचारू किये बिना अच्छे परिणाम हासिल करना मुश्किल है। वहीं महोबा के राजकीय पालीटेक्निक मैदान में एक जनसभा को सम्बोधित करते हुए मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने समाजवादी पेंशन योजना-लोहिया आवास तथा सूखा पीडि़त किसानों के चयनित लाभार्थियाों को प्रमाणपत्र वितरित किये।
उन्होंने कहा कि बुन्देलखण्ड के ललितपुर बांदा, समेत सभी जिलों में आवश्यकता अनुसार 20 से 50 मेगावाट क्षमता के सोलर पावर प्लांट स्थापित कराये जा रहे है। जिन्हे अगले वर्ष 2016 तक पूर्ण कर लिया जायेगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि कोयला और पानी से बिजली उत्पादन की दिशा में भी राज्य सरकार गम्भीरता से कार्य करते हुए नयी परियोजनाओं की स्थापना को प्राथमिकता दे रही है। सरकार चाहती है कि प्रदेश विद्युत के मामले मे किसी पर भी आश्रित न रहे। उल्लेखनीय है कि महोबा जिले के करहरा कला गांव मे 56 एकड़ जमीन एज्यूर पावर द्वारा लगभग एक सौ करोड़ की लागत से 10 मेगावाट क्षमता के सोलर पॉवर प्रोजेक्ट की स्थापना की गयी है। इससे दस हजार घरों को बिजली पहुंचाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। कम्पनी ने पांच सौ स्थानीय परिवारों के लोगों को नौकरी देने का लक्ष्य बनाया है। दावा किया गया है कि इसके माध्यम से 15 हजार वाहनों से उत्सर्जित कार्बन डाई ऑक्साइड की मात्रा के बराबर पर्यावरण प्रदूषण में कमी आयेगी। संयत्र की स्थापना का कार्य उत्तर प्रदेश सरकार और एज्यूर पावर के बीच 2014 मे हुये समझौते के बाद आरम्भ किया गया था। वर्ष 2017 तक इस प्रोजेक्ट की क्षमता पांच सौ मेगावाट तक विकसित करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इस मौके पर एज्यूर पावर के सीईओ एचएस बाधवा ने परियोजना की समय सीमा में पूर्णता के लिए मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के सहयोग और प्रेरणा का आभार जताया। उन्होंने विश्वास दिलाया की कम्पनी द्वारा शेष अन्य परियोजनाओं को भी समय रहते पूरा करके जन सामान्य को अति शीघ्र इनका लाभ प्रदान कराने का प्रयास किया जायेगा।

मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने यहां समाजवादी पेंशन योजना-लोहिया आवास तथा सूखा पीडित किसानों के चयनित लाभार्थियाों को प्रमाणपत्र वितरित किये जाने सम्बन्धी विशेष कार्यक्रम में विपक्षी राजनैतिक दलों के विषय में विशेष जिक्र न करते हुये केवल अपनी सरकार की नीतियों और कार्यक्रमों को फोकस किया। मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने आज यहां चित्रकूट धाम मण्डल के हमीरपुर महोबा चित्रकूट व बांदा जिलों में निर्मित 132-83 करोड रुपये लागत की 124 परियोजनाओं का लोकार्पण भी किया। इनमें 102-03 करोड के 47 ग्रामीण अवस्थापना केन्द्र- करीब 7-35 करोड़ के 27 एग्रीकल्चरल मार्केटिंग हब- लगभग 2-66 करोड के 4 नवीन सम्पर्क मार्ग-14-08 करोड के 25 बसावट और 6-71 करोड के जनेश्वर मिश्र ग्राम शामिल है। कार्यक्रम में प्रदेश सरकार के पंत्री प्रो. अभिषेक मिश्रा राजीव प्रताप सिह सॉसद चन्द्रपाल यादव विश्वम्भर निषाद समेत अनेक विधायकों और सपा के पदाधिकारियों ने शिरकत की।

कोई जवाब दें

कृपया अपनी टिप्पणी दर्ज करें!
कृपया अपना नाम यहाँ दर्ज करें

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.