जहां हजारे ने पिछले आंदोलन में 15 अगस्त को दो घंटे घरों में अंधेरा रखने को कहा था वहीं रामदेव ने यह कहते हुए शेखी बघारी कि वह चाहते तो नहीं फहरता लाल किले पर तिरंगा

भ्रष्टाचार पर लगाम लगाने और विदेशों में जमा कालाधन स्वदेश लाने की मांग को लेकर शुरू हुए आंदोलन के क्रम में पिछले वर्ष स्वतंत्रता दिवस के दिन अन्ना हजारे ने हुंकार भरी थी, लेकिन इस साल का स्वतंत्रता दिवस आते-आते टीम अन्ना भंग हो गई, जबकि वर्षभर कई तरह के आसन बदलने वाले योगगुरु रामदेव ने स्वतंत्रता दिवस से एक दिन पहले अनशन समाप्त करते हुए 2014 तक कोई बड़ा आंदोलन नहीं करने का ऐलान किया।
साल 2011 के स्वतंत्रता दिवस के मौके पर सामाजिक कार्यकर्ता अन्ना हजारे और सरकार के बीच उस समय तीखे टकराव की स्थिति बन गयी थी, जब अन्ना हजारे ने यहां जय प्रकाश नारायण पार्क से आंदोलन करने का आह्वान किया था। पिछले स्वतंत्रता दिवस पर प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने लालकिले की प्राचीर पर तिरंगा फहराने के बाद राष्ट्र के नाम संबोधन में लोकपाल विधेयक पर हजारे के प्रस्तावित अनशन पर सवाल उठाते हुए कहा कि जो विधेयक चाहते हैं, उन्हें आमरण अनशन नहीं करना चाहिये क्योंकि उनकी सरकार भ्रष्टाचार पर लगाम लगाने के लिए प्रतिबद्ध है।
इस दौरान साल भर में कई करवट बदलने वाले अन्ना हजारे और बाबा रामदेव के आंदोलनों के बीच मनमोहन सिंह ने आज लाल किले से शासन प्रशासन के कामकाज में पारदर्शिता और जवाबदेही लाने का संकल्प दोहराने के साथ ही कुछ सख्त लहजे में यह भी ध्यान रखने को कहा कि बेबुनियाद शिकायतों और गैर जरूरी अदालती कार्रवाइयों से अधिकारियों के मनोबल को नुकसान नहीं पहुंचना चाहिए।
प्रधानमंत्री ने कहा, लोकसभा ने लोकपाल विधेयक पारित कर दिया है। हमें उम्मीद है कि राज्यसभा में इस विधेयक को पारित करने में सभी राजनीतिक दल हमारी मदद करेंगे, लोकसेवकों के काम में पारदर्शिता और जवाबदेही बढ़ाने और उसमें भ्रष्टाचार कम करने की कोशिश हम जारी रखेंगे। पिछले वर्ष स्वतंत्रता दिवस के समय दिल्ली पुलिस ने लोकपाल के मुद्दे पर हजारे को जयप्रकाश नारायण पार्क पर अनशन की अनुमति देने से इनकार कर दिया था। हजारे पक्ष ने तब ऐलान किया था कि वे अनशन करेंगे और रोका गया तो गिरफ्तारी देंगे और अदालत की शरण में जाने जैसे सभी विकल्पों पर गौर कर रहे हैं।हजारे पक्ष ने पिछले वर्ष 15 अगस्त को दिल्ली पुलिस को एक हलफनामा सौंपा था और जयप्रकाश नारायण पार्क पर अनशन करने के लिये 22 में से 16 शर्तों को ही मानने की बात कही थी।
दिल्ली पुलिस ने हालांकि अनुमति देने से इनकार करते हुए कहा था कि किसी को भी पार्क पर आने की इजाजत नहीं है। अगर कोई यहां आता है तो वह गैर-कानूनी होगा। हालांकि, 2012 में अन्ना हजारे ने मजबूत लोकपाल कानून के लिए 25 जुलाई से जंतर मंतर पर अनशन शुरू किया, लेकिन इसकी परिणति टीम अन्ना के भंग होने के साथ हुई। योगगुरु रामदेव ने इस वर्ष कालाधन के मुद्दे पर रामलीला मैदान से नौ अगस्त से आंदोलन शुरू किया और गिरफ्तारी भी दी, लेकिन भ्रष्टाचार के खिलाफ मुहिम को आगे बढ़ाते रहने के संकल्प के साथ उन्होंने 2014 तक कोई बड़ा आंदोलन नहीं करने की बात भी कही।

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