Pravir-Kumar-Uttar-Pradesh-cadre-IAS-officerसीनियर आईएएस प्रवीर कुमार को बुधवार को यूपी में ब्यूरोक्रेसी के दूसरे सबसे बड़े पोस्ट कृषि उत्पादन आयुक्त (एपीसी) पर तैनाती दी गई है। साल 1982 बैच के अधिकारी प्रवीर कुमार सितंबर में आनन-फानन में केंद्रीय प्रतिनियुक्ति से वापस बुलाए गए थे। केंद्र में जाने से पहले वह नगर विकास और स्वास्थ्य विभाग के प्रमुख सचिव के पोस्ट पर काम कर चुके हैं। केंद्र सरकार में उनकी नियुक्ति समन्वय विभाव के सचिव जैसे लो प्रोाइल पोस्ट पर हुई थी। इसके तुरंत बाद उन्होंने यूपी सीएम से मिलकर केंद्र से वापस आने की इच्छा जताई थी। एपीसी बनने के बाद प्रवीर कुमार ने बताया कि यूपी सरकार ने बड़ा पद दिया। उन्होंने कहा कि जिम्मेदारी को बेहतर तरीके से निभाऊंगा।
एपीसी की पोस्ट यूपी में मुख्य सचिव के बाद सबसे महत्वपूर्ण मानी जाती है। ऐसा कई बार हुआ है कि इस पोस्ट पर बैठने वाला अफसर ही आगे चलकर मुख्य सचिव बनता है। मौजूदा मुख्य सचिव आलोक रंजन भी एपीसी से ही सूबे के सबसे बड़े नौकरशाह बने हैं।
एपीसी की पोस्ट के लिए प्रवीर कुमार का नाम सियासी गलियारों में इसलिए गूंज रहा था क्योंकि, सितंबर में ही उनकी केंद्र से वापसी हुई है। माना जा रहा था कि इस पोस्ट पर एक बेहतर अफसर की जरूरत थी। प्रवीर कुमार भी सीएम अखिलेश यादव की महत्वकांक्षाओं पर खरे उतरे। इसके बाद से उनके नाम की सुगबुगाहट इस पोस्ट के लिए शुरू हो गई थी। हालाकि ऐसा भी नहीं है कि प्रवीर कुमार ही एपीसी पोस्ट के लिए सीएम अखिलेश यादव की पहली पसंद थे। इससे पहले सीएम ने अन्य अधिकारियों पर नाम पर भी विचार किया। संयोगवश इसमें दो अधिकारी रोहित नंदन और नीरज कुमार गुप्ता 1982 बैच के ही हैं और दोनों ही केंद्र सरकार में सचिव हैं। दोनों की गिनती भी अच्छे अधिकारियों में होती है। इनके अलावा इसी बैच के दीपक सिंघल भी एपीसी बनने के इच्छुक थे, लेकिन उनका ख्वाब पूरा नहीं हो सका।

कोई जवाब दें

कृपया अपनी टिप्पणी दर्ज करें!
कृपया अपना नाम यहाँ दर्ज करें

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.